रुड़की में भी हरीश रावत ने बृहस्पतिवार को जिले में गंगा-गन्ना यात्रा निकालकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कहा कि मोदी राज में बेरोजगारी बढ़ी है, किसान परेशान है, आम लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है। लिहाजा ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार चलाने के लिए 56 इंच का सीना नहीं बल्कि एक अच्छे दिल की जरूरत होती है, जो लोगों की समस्याओं को समझकर उनका समाधान कर सके।
रावत ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में किसान त्रस्त हो चुका है तो श्रमिक परेशान हैं। गंगा के नाम पर करोड़ों का बजट ठिकाने लगाया जा रहा है। गन्ना का बकाया भुगतान किसानों को नहीं मिल पा रहा है। इसके बाद गंगा-गन्ना यात्रा लखनौता के रास्ते मंगलौर पहुंची। यहां पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 50 लाख पद समाप्त कर रोजगार के अवसर खत्म कर दिए हैं। देश में 26 लाख पद खाली पड़े हैं, बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना 56 इंच का सीना न तो पाकिस्तान को दिखाया और न ही चीन को। दोनों ही देश भारत को आंख दिखा रहे हैं। उत्तराखंड में प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी कि डबल इंजन की सरकार बनने पर बेरोजगारी खत्म करेंगे। किसानों का कर्जा माफ करेंगे और किसानों की आमदनी बढ़ाएंगे, लेकिन सभी वादे खोखले साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि गंगा-गन्ना यात्रा के माध्यम से भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकना है।