नौकरियों के मुद्दे को लेकर मंगलवार को उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत पर पलटवार किया है।
मंगलवार को फेसबुक पर रावत ने पोस्ट किया कि भाजपा कार्यकाल में परीक्षाओं में धांधली नियम बन गया है। वन आरक्षी, पंचायत, पिटकुल आदि में पहले विज्ञप्तियां जारी हुईं और इसके बाद युवा मारे-मारे फिर रहे हैं। विधानसभा और दून नगर निगम में नियुक्तियां हुई हैं और वह किसकी हुई हैं यह सबको पता है।
पूर्व सीएम ने कहा कि सीएम के रूप में उन्हें काम करने के लिए 32 महीने मिले। इसमें भी केदारनाथ आपदा और राजनीतिक आपदा ने समय खाया। फिर भी उस समय की सरकार में प्रति माह एक हजार नौकरियां सरकारी विभागों में सृजित हुईं।
वर्तमान भाजपा सरकार का हाल यह है कि पिछले 46 महीनों से पब्लिक सर्विस कमीशन की तो कोई विज्ञप्ति ही नहीं निकली। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, मेडिकल और उच्च शिक्षा भर्ती बोर्ड आदि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही गठित किए गए थे। रावत ने एक शेर भी पेश किया-इधर-उधर की बात न कर, ये बता कि नौकरियां कहां गईं, मुझे गरज नहीं आंकड़ों से, मेरे लिए तो मेरी नौकरी की बात है।