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रैली के बहाने कांग्रेसी ‘दावेदारों’ का शक्ति प्रदर्शन, एक तीर से साधे दो निशाने

Tue, 30 Jan 2018 01:32 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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कांग्रेसी नेताओं ने रैली के बहाने शक्ति प्रदर्शन कर एक तीन से दो निशाने साधे। कांग्रेस की जन चेतना रैली के बहाने नगर निगम के चुनावों में टिकट के दावेदारों ने जमकर शक्ति प्रदर्शन किया।

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मेयर और पार्षद का टिकट पाने के लिए जोर आजमाइश कर रहे दावेदारों को रैली में अपनी ताकत दिखाने का मौका मिला। हालांकि कुछेक नेताओं को छोड़कर ज्यादातर शक्ति प्रदर्शन में नाकाम ही रहे। सबसे ज्यादा भीड़ जुटाने वालों में संयोजक सूर्यकांत धस्माना, पूर्व विधायक राजकुमार और गोदावरी थापली शामिल रहे।

कांग्रेस की जन चेतना रैली को आगामी नगर निगम चुनाव के टिकट के दावेदारों के शक्ति प्रदर्शन के लिए मुफीद मंच माना जा रहा था। नए परिसीमन और सीमा विस्तार के बाद वैसे भी दावेदारों के लिए खुद को आगे लाने की चुनौती थी।
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ऐसे में रैली का मंच उनके लिए सेल्फ प्रमोशन का अच्छा माध्यम बन सकता था। अधिकांश दावेदारों ने इस मौके को भुनाने में कोई कसर भी नहीं छोड़ी। रैली में भीड़ भले ही बहुत ज्यादा नहीं रही।

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congress
लेकिन जितने भी कार्यकर्ता शामिल हुए उनमें से ज्यादातर किसी न किसी दावेदार के समर्थक ही थे। रैली में सबसे ज्यादा राजपुर रोड, कैंट, ईसी रोड, घंटाघर क्षेत्र के कार्यकर्ता शामिल हुए। अन्य क्षेत्रों के कार्यकर्ता भी काफी संख्या में पहुंचे लेकिन उनकी संख्या अपेक्षाकृत कम रही।

मेयर के टिकट के दावेदारों में शामिल सूर्यकांत धस्माना, पूर्व विधायक राजकुमार, महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान रैली को सफल बनाने में जुटे रहे। कार्यक्रम के आयोजन से लेकर व्यवस्थाओं तक का जिम्मा धस्माना ने संभाला।

इसके साथ ही वह युवाओं, अल्पसंख्यकों और आम वर्ग के कार्यकर्ताओं को रैली में जोड़ने में कामयाब रहे। पूर्व विधायक राजकुमार भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ रैली में पहुंचे। उन्होंने अपनी ताकत दिखाने के साथ ही मेयर पद के टिकट को लेकर भी दावेदारी पुख्ता की। रैली संयोजन का जिम्मा भले ही धस्माना के हाथ हो लेकिन महानगर पदाधिकारियों की भूमिका भी अहम रही। अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान भी लगातार कार्यकर्ताओं को जोड़ने और आयोजन को सफल बनाने में जुटे रहे।

इसके अलावा अलग-अलग वार्डों से टिकट के लिए दावेदारी करने वाले भी रैली में अपनी ताकत दिखाने की कोशिशों में जुटे रहे। हालांकि ज्यादातर वार्डों के दावेदार दो-चार समर्थकों के साथ ही पहुंचे। रैली के रूट से जुड़े क्षेत्रों से ही सबसे ज्यादा कार्यकर्ता शामिल हुए। नए जुड़े क्षेत्रों से भी दावेदार और उनके समर्थक रैली में पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस और प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही अपने प्रत्याशी के पक्ष में भी नारेबाजी की।
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