चुनाव में कांग्रेस की करारी शिकस्त के बाद पार्टी आलाकमान ने जब किशोर उपाध्याय के स्थान पर प्रीतम सिंह को प्रदेश संगठन की कमान सौंपी थी, तब यह माना गया कि अब कांग्रेस में नया दौर शुरू हो गया है। आलाकमान के लिए भी हरीश गैरजरूरी हो गए। उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल उठाए गए ।
सूबे की सियासत में उन्हें तरजीह न दिए जाने को लेकर आए दिन कोई न कोई विवाद जारी है। लेकिन कांग्रेस हाईकमान की ओर से बार-बार यह संकेत दिए गएकि हरीश रावत उनके लिए खास हैं। पार्टी ने उन्हें हिमाचल चुनाव प्रचार में भेजा। गुजरात की जिम्मेदारी दी। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में उन्हें विशेष टीम के सदस्य के तौर पर भेजा और अब पार्टी अधिवेशन की तीन प्रमुख कमेटियों में जिम्मेदारी दी गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन के लिए गठित कमेटियों में जगह दी गई है। यह अधिवेशक 16 मार्च से 18 मार्च तक तालकटोरा स्टेडियम में होना है। हरीश रावत को ड्राफ्टिंग कमेटी में जगह दी गई है। इस कमेटी में पार्टी के 44 खांटी नेता हैं।
10 सदस्यीय संविधान संशोधन कमेटी में भी उन्हें जगह दी गई है। उन्हें समितियों के सब ग्रुप में भी जगह दी गई है। वह 25 सदस्यीय राजनीतिक सबग्रुप में शामिल किए गए हैं। इस समूह में मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलौत सरीखे वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
मैं राहुल गांधी जी का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे अधिवेशन की समिति में जगह दी है। समिति में वरिष्ठ जन हैं, जिनके साथ कार्य करना सौभाग्य की बात है।
-हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री