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पीएम मोदी की 'साधना' पर बिफरी कांग्रेस, चुनाव आयोग से की वाराणसी से उम्मीदवारी निरस्त करने की मांग

Sun, 19 May 2019 06:39 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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सहायक निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपते कांग्रेसी - फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ दौरे पर बिफरी कांग्रेस ने शनिवार को चौतरफा हमला करते हुए मोर्चा खोल दिया। राज्य चुनाव आयोग पहुंचकर कांग्रेस ने पीएम के दौरे पर एतराज जताया। पार्टी ने इसे चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन बताया और वाराणसी से उनकी उम्मीदवारी को निरस्त करने की मांग की।

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पार्टी ने कहा है कि केदारनाथ का धार्मिक संबंध सीधे तौर पर वाराणसी से जुड़ता है। वाराणसी लोकसभा सीट पर रविवार को मतदान होना है। इससे पहले, केदारनाथ आकर पीएम नरेंद्र मोदी ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है। उनके स्तर पर केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा करना पूरी तरह से गलत है।

कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे की शिकायत करने सुबह ही सचिवालय स्थित निर्वाचन कार्यालय पहुंच गया। राज्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने सहायक निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास को ज्ञापन सौंपा।

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लगाए कई आरोप

बाद में केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने कांग्रेस भवन में प्रेस कांफ्रेंस भी की और कई आरोप लगाए। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भी प्रेस कांफ्रेंस करके केदारनाथ में पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे पर सख्त आपत्ति जताई।

केदारनाथ का वाराणसी से सीधा कनेक्शन है। पीएम नरेंद्र मोदी वाराणसी समेत पूरे देश के अंतिम चरण के चुनाव को प्रभावित करने के लिए केदारनाथ आए हैं। आखिर सवाल ये उठता है कि आचार संहिता लागू रहते हुए पीएम ने किस अधिकार से केदारनाथ पुनर्निर्माण की समीक्षा की है। यह आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। पीएम की वाराणसी सीट से उम्मीदवारी को तुरंत निरस्त किया जाना चाहिए। चुनाव आयोग ठोस कार्रवाई करे। यह उसकी साख का भी सवाल है।
-प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड कांग्रेस

यह गंभीर सवाल है कि दूरदर्शन समेत तमाम चैनलों से पीएम नरेंद्र मोदी के केदारनाथ दौरे का प्रचार कराया गया है। यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। इससे अंतिम चरण का चुनाव प्रभावित होगा। केदारनाथ दौरे को सरकारी खर्चे से प्रचारित करने वाले विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों को भी दंडित किया जाना चाहिए।
-मनोज रावत, केदारनाथ विधायक

पीएम नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ में चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है। चुनाव आयोग को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। हमारा विरोध पीएम मोदी के लिए संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर भी है।
-सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश उपाध्यक्ष, कांग्रेस

चश्मे का नंबर बदलें कांग्रेस के लोग: भट्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केदारनाथ यात्रा को लेकर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताए जाने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने कांग्रेस पर कटाक्ष किया। भट्ट ने कहा कि विदेशों में डिस्को करने वाले मोदी की साधना में खलल न डालें। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को अपने चश्मे का नंबर बदलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नितांत आध्यात्मिक यात्रा पर हैं, लेकिन कांग्रेस इसे राजनीतिक रंग दे रही है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।  

प्रधानमंत्री पहली बार उत्तराखंड नहीं आए हैं। वे तब से केदारनाथ आ रहे हैं, जब वे प्रचारक थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आत्म शांति के लिए तपस्या कर रहे हैं, जिसमें देश हित और विश्व बंधुत्व की भावना रहती है। इसलिए विपक्ष के लोग अपना चश्मा बदलें। राजनीति नहीं करें। मोदी की साधना में खलल नहीं डालना चाहिए। वे साधना करते आ रहे हैं। जबकि विपक्ष के कई नेता विदेशों में डिस्को करते हैं, कैसिनों में खेलते हैं। कई जगह वे चरस भांग पीते हुए पकड़े गए हैं। बड़ी मुश्किल से उन्हें स्वदेश लाया गया। आज भी वे क्लबों के अंदर नाच करते हुए पाए जाते हैं। हमारे नेता यहां साधना करने के लिए आए हैं तो तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे।
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चुनाव आयोग की जानकारी में मोदी की यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आध्यात्मिक यात्रा में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप पर प्रदेश भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा चुनाव आयोग की जानकारी में है। इसमें आचार संहिता का पूरा ध्यान रखा गया है। पार्टी प्रदेश मीडिया प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि कांग्रेस का रवैया निंदनीय है और ये बता रहा है कि कांग्रेस हताश है कि उसकी लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त होने जा रही है।

प्रधानमंत्री की यात्रा पूरी तरह से आध्यात्मिक है। इसमें पूजा अर्चना, ध्यान, व विकास कार्यों का निरीक्षण शामिल है। भाजपा संगठन भी यात्रा का अंग नहीं है। आचार संहिता के सभी नियमों का पालन किया जा रहा है। उत्तराखंड में मतदान 11 अप्रैल को हो चुका है। अब केवल अंतिम चरण का मतदान रविवार को होना है। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से पुराना आध्यात्मिक संबंध है। वे गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पहले भी यहां तप करते रहे हैं। 
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