देहरादून में संवासनियों के शारीरिक शोषण के मामले में आरोपियों को दंड़ देने के बजाय कांग्रेस भी राजनीति में जुट गई।
डीएम की अनुमति के बगैर कांग्रेस विधायक और प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरिता आर्य एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सोमवार को नारी निकेतन गई और बाहर निकलते ही कुछ नहीं होने का दावा कर ठीकरा मीडिया के मत्थे फोड़ा। एसे नाजुक वक्त में कांग्रेस विधायक का बगैर अनुमति नारी निकेतन जाना सरकार की सत्य निष्ठा संदिग्ध कर गया है।
विधायक की जांच का क्या मैकेनिज्म था और तीन अन्य जांचें गतिमान होने के बावजूद कांग्रेसियों को नारी निकेतन जाने की जरूरत क्यों पड़ी यह सवाल अभी मौजूं हैं। जांच रिपोर्ट से पहले ही कांग्रेस ने सरकार को क्लीन चिट से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
पिछले चार दिन से हो रही फजीहत से निकलने का रास्ता तलाशने के चक्कर में मामला और उलझ गया है। तीन दिन पहले एक कमेटी गठित कर कहा गया था कि अनुमति के बगैर अंदर कोई नहीं घुसेगा। फिर कांग्रेस विधायक सरिता आर्य का कांग्रेसियों के साथ नारी निकेतन में घुसना जिला प्रशासन के चौकसी के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है।
परिसर से बाहर निकलकर कांग्रेसियों की टीम का अंदर किसी भी तरह की अनियमितता नहीं होने का दावा करना ज्यादा शक पैदा करता है। एक तरह से महिला विधायक ने भी नारी निकेतन परिसर पर लगे जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया।
हो सकता है कि विधानसभा सदस्य बगैर किसी अनुमति के नारी निकेतन जैसे संस्थान में आ जा सकते हो, लेकिन ऐसे नाजुक वक्त में नारी निकेतन घुसना जांच को प्रभावित करने जैसा ही है। डीएम रविनाथ रमन का कहना है कि उन्हें किसी विधायक के नारी निकेतन जाने की जानकारी नहीं है।
पिछले एक सप्ताह से जल रहे नारी निकेतन में कौन गया, कौन आया उसकी खबर डीएम को नहीं है। समाज कल्याण निदेशक विष्णु सिंह धानिक ने भी किसी विधायक के निकेतन में जाने की जानकारी या अनुमति से इंकार किया।
मीडिया प्रभारी बोले CM को मिली रिपोर्ट, DM बोले मेडिकल रिपोर्ट बाकी
मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया है कि नारी निकेतन के मसले पर सोमवार को जिलाधिकारी देहरादून ने मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपी है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस संबंध में मंगलवार को सभी संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलायी है। इस बैठक में नारी निकेतन की व्यवस्थाएं बेहतर हो सकें इसमें निर्णय लिये जायेंगे। उधर, इसका मतलब जांच पूरी होने वाली है, फिर कांग्रेसी नारी निकेतन क्यों गए, यह भी सवाल है। उधर, डीएम का कहना है कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है, मेडिकल रिपोर्ट आनी बाकी है।
अगर कहीं कुछ गलत हो रहा है तो हमारा भी दायित्व है कि सरकार का ध्यान इस ओर खींचे। यह कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल नहीं था। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नैनीताल विधायक भी हैं। जांच को प्रभावित करने का उद्देश्य का सवाल ही नहीं उठता। कांग्रेस भी मामले की निष्पक्ष जांच चाहती है।
- किशोर उपाध्याय, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
संवासिनियों से बातचीत भी की। एक बोल न सकने वाली संवासिनि ने ठीक उसी तरह के इशारे किए जैसे हम कर रहे थे। नारी निकेतन जाने से पहले हम लोग भी डर रहे थे। न जाने क्या स्थिति हो। पर संवासिनियों ने कहा कि उन्हें बदनाम करने की साजिश की जा रही है। अगर कोई कमी दिखाई देती तो सरकार का ध्यान इस ओर जरूर खींचते।
- सरिता आर्य, नैनीताल विधायक और अध्यक्ष, प्रदेश महिला कांग्रेस