कार्तिक पूर्णिमा पर इस बार नक्षत्रों का अद्भुत और सुखद संयोग हो रहा है। तीन नक्षत्र कार्तिक पूर्णिमा के लिए बेहद शुभ माने गए हैं। अगले दो दिनों में तीनों नक्षत्रों का स्पर्श पूर्णिमा से जाएगा।
प्रति एक वर्ष पूर्णिमा इन्हीं तीन नक्षत्रों में से किसी एक नक्षत्र में पड़ती है। शास्त्रीय विद्वान पंडित आशीष गौतम अल्हड़ के अनुसार पूर्णिमा के दिन यदि कृतिका नक्षत्र पड़ जाए तो महाकार्तिकी पर्व पड़ जाता है। यदि भरणी नक्षत्र में पूर्णिमा पड़े तो विशेष फलदायी होती है।
संयोग से यदि रोहिणी नक्षत्र पड़ जाए तो पूर्णिमा का फल कई गुना बढ़ जाता है। जो लोग पूरे मास अथवा आखिरी पांच दिन कार्तिक स्नान करते हैं उन्हें अनंत फल प्राप्त होता है। चूंकि चतुर्दशी और पूर्णिमा पर देव दीपावली भी मनाई जाती है। अत: नक्षत्रों का संयोग अनेक पुण्य फल प्रदान करता है।