दरअसल, हेम लाल आर्या के साथ सरिता आर्या की चुनावी अदावत है। 2012 और 17 का विधानसभा चुनाव हेम लाल आर्या उनके खिलाफ लड़ चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश के प्रयासों से हेम लाल आर्या कांग्रेस से जुड़ने जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष के गृहनगर हल्द्वानी में 19 जून को आर्या की ज्वाइनिंग कराई जा रही है।
इसे लेकर सरिता आर्या नाराज हैं। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को चिट्ठी लिखकर इस मामले में विश्वास में न लिए जाने की बात कही है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के नाम का उल्लेख करते हुए कहा है कि उनके दबाव में ऐसे व्यक्ति को पार्टी में शामिल किया जा रहा है, जिसके कारण वह 2017 का चुनाव हारी हैं।
उन्होंने कहा है कि न उन्हें विश्वास में लिया गया है और न ही नैनीताल की स्थानीय इकाई से रायशुमारी की गई है। वैसे, इस मामले में सरिता आर्या के विरोध के बावजूद पार्टी कदम पीछे खींचने के लिए तैयार नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष दोनों ने 19 जून को प्रस्तावित कार्यक्रम में किसी तरह की तब्दीली से इनकार कर दिया है। दोनों ने अपने-अपने तर्क सामने रखे हैं।
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्या की चिट्ठी में उनके तेवर तीखे नजर आ रहे हैं, लेकिन उनसे संपर्क किया गया, तो इसमें नरमी नजर आई। चिट्ठी में पद और पार्टी छोड़ने की बात करने वाली सरिता आर्या बातचीत में 19 जून के कार्यक्रम और हल्द्वानी में आयोजन पर ज्यादा असहमत नजर आईं। उन्होंने बताया कि 20 से 23 जून तक उन्हें अहमदाबाद में महिला कांग्रेस के प्रशिक्षण कार्यक्रम में रहना है। इसके लिए उन्हें 19 जून को दिल्ली के लिए रवाना होना है। ऐसे में 19 को यह कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, यह कार्यक्रम हल्द्वानी में होने से गलत संदेश जाएगा। यह कार्यक्रम यदि किया ही जाना था, तो उनकी मौजूदगी में नैनीताल में किया जा सकता था।
हेम लाल आर्या की ज्वाइनिंग के संबंध में मेरी कोई सहमति नहीं ली गई है। इसके बावजूद यदि उन्हें पार्टी में शामिल किया जाता है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं पार्टी संगठन के कार्य की वजह से 19 को उत्तराखंड से बाहर हूं। मेरी गैरमौजूदगी में उनकी ज्वाइनिंग कराई जाती है, तो इससे गलत संदेश ही जाएगा।
-सरिता आर्या, प्रदेश अध्यक्ष, महिला कांग्रेस
-जिस भी व्यक्ति का राहुल-सोनिया जी में विश्वास है, उसके लिए कांग्रेस के दरवाजे खुले हैं। हम हेम लाल आर्या को कार्यकर्ता बतौर पार्टी में शामिल कर रहे हैं। कोई पद नहीं दे रहे हैं, ऐसे में किसी को क्या दिक्कत हो सकती है। किसी की ज्वाइनिंग हल्द्वानी में हो या कहीं और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
-प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड कांग्रेस
-यह कहना गलत है कि सरिता आर्या को विश्वास में नहीं लिया गया है। उनके सामने ही सब कुछ तय हुआ है। हेम लाल आर्या के कांग्रेस में आने से पार्टी और सरिता आर्या दोनों को फायदा होगा। उनकी ज्वाइनिंग दो बार पूर्व में टल चुकी है। इसीलिए 19 जून के कार्यक्रम में बदलाव किसी कीमत पर संभव नहीं है
-डॉ. इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष