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हार के बाद उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर मचा घमासान, अब बाहर खड़ा करेगी ‘तूफान’

Tue, 09 Jul 2019 02:18 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : फाइल फोटो
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हार दर हार के बाद कांग्रेस अजब सी स्थिति से गुजर रही है। उसे आगे का रास्ता नहीं सूझ रहा है। पार्टी के भीतर अब ‘इस्तीफे’ की आड़ में गुटबाजी की नई शक्ल दिख रही है। इसमें एक तरफ, हरीश रावत समर्थक खेमा है, जो इस्तीफों के जरिये प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह पर इस्तीफे का दबाव बनाने की कोशिश में है। दूसरी तरफ, प्रीतम सिंह का खेमा है, जो कि इस्तीफे की कोई जरूरत नहीं मान रहा।

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इन स्थितियों के बीच, हरीश रावत ब्रिगेड के खास निशानेबाज पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने मोर्चा संभाला हुआ है। उनके प्रीतम सिंह पर हमले के बाद अब उन्हें जवाबी हमला झेलना पड़ा है। प्रीतम सिंह की तरफ से उनकी टीम के सदस्य प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कुंजवाल को निशाने पर ले लिया है। नसीहत देने पर सवाल उठाए हैं, साथ ही कुंजवाल के बयान से पार्टी को कैसा नुकसान होगा, ये भी बताया है। इन स्थितियों के बीच, एक दूसरी स्थिति भी है। 15 जुलाई को पार्टी ने त्रिवेंद्र सरकार के खिलाफ एक बडे़ कार्यक्रम का एलान कर दिया है। पार्टी का इरादा त्रिवेंद्र सरकार के खिलाफ ‘तूफान’ खड़ा करने की है।

‘प्रदेश अध्यक्ष को नसीहत न दें गोविंद सिंह कुंजवाल’
लोकसभा चुनाव में हार के बाद इस्तीफे की सियासत उत्तराखंड कांग्रेस में गरमा गई है। एक दिन पहले हरीश रावत ब्रिगेड के खास निशानेबाज गोविंद सिंह कुंजवाल ने प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह पर निशाना साधा, तो सोमवार को उन्हें लगे हाथ जवाब भी मिल गया। प्रदेश अध्यक्ष की तरफ से उनकी टीम के खास सदस्य और प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने मोर्चा संभाला और कुंजवाल पर ‘फायर’ खोल दिए। धस्माना ने कुंजवाल से प्रदेश अध्यक्ष को नसीहत न देने के लिए कहा है। वह कहने से नहीं चूके कि कुंजवाल ने जिस वक्त प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे को लेकर बयान जारी किया है, वह समय निकाय चुनाव की चुनौती से दो-दो हाथ करने का है। इस बयान से पार्टी की संभावनाएं कमजोर हो सकती हैं।

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कुंजवाल ने रविवार को बयान दिया था कि राहुल गांधी के पद छोड़ने के बाद प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को भी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। इससे पहले, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव पद से हरीश रावत का इस्तीफा भी हो चुका है। हरीश रावत समर्थक कुछ पदाधिकारी भी इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में कुंजवाल के बयान को प्रीतम सिंह पर दबाव बनाने की रणनीति का ही हिस्सा माना गया। इस मामले में प्रीतम सिंह ने हाईकमान के कहने पर ही कोई भी कदम उठाने की बात कही, लेकिन सोमवार को प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना आक्रामक तौर पर सामने आए। उन्होंने कहा कि कुंजवाल प्रदेश अध्यक्ष को नसीहत न देें। उन्होंने कहा कि बाजपुर और श्रीनगर नगर निकाय के चुनाव कांग्रेस पूरी दमदारी से लड़ रही है। यह समय एकजुट होकर चुनाव में जीत हासिल करने का है, लेकिन इस तरह के बयान पार्टी को कमजोर ही करेंगे।

ज्वलंत मुद्दों पर भाजपा सरकार पर होगा ‘हल्ला बोल’
लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद उबरने की कोशिश कर रही कांग्रेस अब भाजपा सरकार की घेराबंदी के लिए बड़ा कार्यक्रम लेकर सामने आई है। 15 जुलाई को पार्टी ने विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी धरना देने का एलान किया है। इसमें महंगाई पर फोकस करने का पार्टी का इरादा है। इस कार्यक्रम की बागडोर खुद प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के हाथ में रहेगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा है कि त्रिवेंद्र सरकार को पार्टी चैन से नहीं बैठने देगी। सरकार पर अब एक के बाद एक हमले होंगे।

कांग्रेस अपने 15 जुलाई के प्रस्तावित धरना कार्यक्रम में महंगाई, भ्रष्टाचार, पंचायत राज संशोधन बिल की खामियां, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाएं, कानून व्यवस्था जैसे विषयों को मजबूती से रखने जा रही है। पहले नंबर पर महंगाई को रखा गया है, जिसमें पेट्रो पदार्थों की बढ़ी हुई कीमतों पर बात होगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में सोमवार को इस कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि त्रिवेंद्र सरकार हर मोर्चे पर फेल है। आधा दर्जन से ज्यादा ऐसे मुद्दों को पार्टी ने चिन्हित किया है, जिससे जनता सबसे ज्यादा त्रस्त है। सरकार के वायदे दम तोड़ रहे हैं। समस्याएं मुंह उठा रही है। भाजपा के लिए यह शर्मनाक बात इसलिए है, क्योंकि उसे लगातार प्रचंड बहुमत मिला है। कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत से भाजपा सरकार को बेनकाब करेगी। संघर्ष का सिलसिला जारी रहेगा और भाजपा सरकार को उखाड़ फेंका जाएगा।
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