कुंजवाल ने रविवार को बयान दिया था कि राहुल गांधी के पद छोड़ने के बाद प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को भी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। इससे पहले, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव पद से हरीश रावत का इस्तीफा भी हो चुका है। हरीश रावत समर्थक कुछ पदाधिकारी भी इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में कुंजवाल के बयान को प्रीतम सिंह पर दबाव बनाने की रणनीति का ही हिस्सा माना गया। इस मामले में प्रीतम सिंह ने हाईकमान के कहने पर ही कोई भी कदम उठाने की बात कही, लेकिन सोमवार को प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना आक्रामक तौर पर सामने आए। उन्होंने कहा कि कुंजवाल प्रदेश अध्यक्ष को नसीहत न देें। उन्होंने कहा कि बाजपुर और श्रीनगर नगर निकाय के चुनाव कांग्रेस पूरी दमदारी से लड़ रही है। यह समय एकजुट होकर चुनाव में जीत हासिल करने का है, लेकिन इस तरह के बयान पार्टी को कमजोर ही करेंगे।
ज्वलंत मुद्दों पर भाजपा सरकार पर होगा ‘हल्ला बोल’
लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद उबरने की कोशिश कर रही कांग्रेस अब भाजपा सरकार की घेराबंदी के लिए बड़ा कार्यक्रम लेकर सामने आई है। 15 जुलाई को पार्टी ने विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी धरना देने का एलान किया है। इसमें महंगाई पर फोकस करने का पार्टी का इरादा है। इस कार्यक्रम की बागडोर खुद प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के हाथ में रहेगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा है कि त्रिवेंद्र सरकार को पार्टी चैन से नहीं बैठने देगी। सरकार पर अब एक के बाद एक हमले होंगे।
कांग्रेस अपने 15 जुलाई के प्रस्तावित धरना कार्यक्रम में महंगाई, भ्रष्टाचार, पंचायत राज संशोधन बिल की खामियां, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाएं, कानून व्यवस्था जैसे विषयों को मजबूती से रखने जा रही है। पहले नंबर पर महंगाई को रखा गया है, जिसमें पेट्रो पदार्थों की बढ़ी हुई कीमतों पर बात होगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में सोमवार को इस कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि त्रिवेंद्र सरकार हर मोर्चे पर फेल है। आधा दर्जन से ज्यादा ऐसे मुद्दों को पार्टी ने चिन्हित किया है, जिससे जनता सबसे ज्यादा त्रस्त है। सरकार के वायदे दम तोड़ रहे हैं। समस्याएं मुंह उठा रही है। भाजपा के लिए यह शर्मनाक बात इसलिए है, क्योंकि उसे लगातार प्रचंड बहुमत मिला है। कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत से भाजपा सरकार को बेनकाब करेगी। संघर्ष का सिलसिला जारी रहेगा और भाजपा सरकार को उखाड़ फेंका जाएगा।