इससे पूर्व परमार्थ निकेतन पहुंचने पर स्वामी चिदानंद सरस्वती की मौजूदगी में परमार्थ ऋषिकुमारों ने सूफी गायक कैलाश खेर का वेद मंत्रों के साथ पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान खेर ने स्वामी चिदानंद सरस्वती और जीवा की अंतरराष्ट्रीय महासचिव भगवती सरस्वती से मुलाकात कर आशीर्वाद भी लिया।
लौटते हुए वह परमार्थ निकेतन से 20 रुद्राक्ष के पौधे भी अपने साथ मुंबई लेकर गए। मकसद यह था कि वह अपने बगीचे में रूद्राक्ष वाटिका तैयार कर स्वस्थ वातावरण में संगीत की साधना कर सकें। उन्होंने कहा कि इससे दूसरे लोगों को भी पेड़-पौधे लगाने की प्रेरणा मिलेगी।