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गुप्ता बंधुओं ने की बदरीनाथ की छत पर स्वर्ण परत चढ़ाने की पेशकश, असमंजस में मंदिर समिति 

Tue, 08 May 2018 08:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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badrinath
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गुप्ता बंधुओं के बदरीनाथ धाम में दान के संकल्प ने दबाव और गतिरोध की अजब स्थिति बना दी है। बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सोमवार को सरकार को चिट्ठी भेजकर इस मामले में मार्गदर्शन करने को कहा। गोदियाल ने सरकार के पाले में गेंद सरकाते हुए अपनी राय भी सामने रखी है। उन्होंने कहा है कि ये बेहतर होगा कि इस प्रकरण को भारत सरकार के अधीन सभी जांच एजेंसियों के संज्ञान में लाया जाए, ताकि उत्तराखंड सरकार और समिति की छवि पर कोई विपरीत प्रभाव न पडे़। अध्यक्ष होने की हैसियत से गोदियाल ने मुख्य कार्याधिकारी को ये निर्देश भी दे दिए हैं कि सरकार का जवाब आने तक प्रकरण में कार्रवाई लंबित रखी जाए।

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बहुचर्चित गुप्ता बंधुओं की ओर से बदरीनाथ मंदिर की छत पर सोने की परत चढ़ाने की पेशकश की गई है। बोर्ड में यह प्रस्ताव पारित हो चुका है। 15 मई को गुप्ता बंधुओं की ओर से कराई जा रही कथा के दौरान यह स्वर्ण परत चढ़ाई जाएगी। भगोड़ा घोषित हो चुके गुप्ता बंधुओं की इस पेशकश ने सरकार को अजीब सी स्थिति में ला खड़ा किया है। हालांकि मंदिर समिति के 1939 के एक्ट का हवाला देते हुए सरकार ये ही कह रही है कि दानी की इच्छानुसार दान लेने की बाध्यता है। मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह भी ये ही कह रहे हैं कि दान देने वाले सोने का हॉलमार्क और प्रमाणिकता की ही जांच की जाती है। इस प्रकरण में भी ऐसा ही किया जाएगा। दान स्वीकार किया जाएगा।

इन स्थितियों के बीच, इस प्रकरण में सीधे-सीधे सरकार और मंदिर समिति के अफसर एक ओर, तो बोर्ड के अध्यक्ष गणेश गोदियाल दूसरी तरफ खडे़ दिखाई दे रहे हैं। गोदियाल ने धर्मस्व मंत्री को सोमवार को पत्र भेजकर अपना स्टैंड साफ कर दिया। उन्होंने धर्मस्व सचिव दिलीप जावलकर को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी है। गोदियाल ने पत्र में कहा है कि गुप्ता बंधुओं की पेशकश पर 27 नवंबर 2017 की बोर्ड बैठक में निर्णय हुआ है। उन्होंने बताया है कि दानदाता ने दान के एवज में किसी तरह की शर्त को मंजूर नहीं किया गया है। इस संबंध में धर्मस्व सचिव दिलीप जावलकर का कहना है कि अभी उन्हें कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। वैसे, मंदिर समिति के एक्ट में ऐसे मामलों में साफ व्यवस्था दी गई है।

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