देहरादून। विश्व मानक दिवस के मौके पर भारतीय मानक ब्यूरो की ओर से मंगलवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में वक्ताओं ने मानकों और उपभोक्ताओं के बीच समन्वय पर प्रकाश डाला।
भारतीय मानक ब्यूरो देहरादून शाखा के प्रमुख वैज्ञानिक एएम डेविड ने कहा कि विभिन्न प्रमाणन योजनाओं के साल दर साल बढ़ते लाइसेंसों की संख्या यह बताती है कि उद्योगों, उपभोक्ताओं और जनसाधारण में मानकों के प्रति विश्वास बढ़ा है। मुख्य अतिथि एवं प्रमुख सचिव सुशील कुमार ने कहा कि विश्व मानक दिवस पर इस साल की थीम ‘वीडियो मानक एक वैश्विक मंच का निर्माण करते हैं ’ रखा गया है। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे युग में हैं जहां हम बिना वीडियो की दुनिया के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं। वीडियो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में समा गया है। चाहे यह हमारा पसंदीदा समाचार चैनल, रियल्टी शो, खेल चैनल या यूट्यूब हो। स्मार्टफोन की क्रांति से वीडियो कैमरे और वीडियो आमजन की पहुंच में हैं। इन माध्यमों ने लोगों के अनुभव और दुनिया के साथ संपर्क करने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।
मानक ब्यूरो के उप महानिदेशक एनके कंसारा ने कहा कि दैनिक जीवन में वीडियो मानकाें के महत्व एवं भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा इन वीडियो प्रारूपों के मानकीकरण की के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सेमिनार के दौरान ब्यूरो के वैज्ञानिक सुधीर विश्नोई ने अंतरराष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष द्वारा जारी संदेश पढ़कर सुनाया। इस मौके पर पोस्टर भी प्रदर्शित किया गया। सेमिनार में माने ब्यूरो के वैज्ञानिक सौरभ तिवारी, वैज्ञानिक अविनाश बोरदोलोई आदि उपस्थित रहे।
विश्व मानक दिवस का इतिहास
विश्व मानक दिवस 14 अक्टूबर 1946 से मनाया जा रहा है। मानक ब्यूरो के वैज्ञानिकों के मुताबिक दुनिया के 25 देशों के प्रतिनिधियों ने पहली बार मिलकर विश्वस्तर पर मानकीकरण को लेकर अंतरराष्ट्रीय संगठन की स्थापना की थी।