वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती का लाभ अगर नहीं मिल रहा है तो अब ऐसे मामलों की शिकायत आसानी से की जा सकेगी। प्रदेश में केंद्र के निर्देश पर स्टैंडिंग और स्क्रीनिंग कमेटी का गठन कर दिया गया है।
यह कमेटी मुनाफाखोरी से संबंधित मामलों पर नजर रखेगी। कमेटी में केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त पीके गोयल और राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त पीयूष कुमार को शामिल किया गया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की 16 नवंबर को हुई बैठक में राष्ट्रीय मुनाफाखोरी विरोधी प्राधिकरण (एनएए) के गठन को मंजूरी प्रदान कर दी गई थी। मुनाफाखोरी विरोधी प्राधिकरण के गठन के मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया था कि प्रदेश स्तर पर स्क्रीनिंग और स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया जाए।