- अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में रहा विफल, गवाहों ने नहीं किया समर्थन
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संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। कोतवाली क्षेत्र के जीवनगढ़, डाकपत्थर निवासी जुनैद उर्फ गोलू और बिलाल को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने मंगलवार को धार्मिक ग्रंथ के अपमान, मारपीट आदि आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। वादी और गवाहों ने घटना से इनकार कर दिया।
डांडी जीवनगढ़ निवासी वादिनी सुधा बिजल्वाण ने 17 नवंबर 2021 को डाकपत्थर चौकी में शिकायत दी थी। आरोप था कि घर के बाहर काम कर रहे मजदूरों का वीडियो बना रहे एक अज्ञात व्यक्ति को मना करने पर गाली-गलौज हुई। कुछ देर बाद आठ-10 लोग लाठी-डंडे और बेल्ट लेकर घर में घुसे और दंपती से मारपीट की। आरोप था कि श्रीमद्भगवद गीता का अपमान कर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने संबंधी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की।
अभियोजन ने पांच गवाह पेश किए। वादिनी और उनके पति सहित गवाहों ने जिरह में कहा कि आरोपियों ने न मारपीट की, न धमकी दी, न वे घर में घुसे और न गीता का अपमान किया। उनके अनुसार जमीनी विवाद में मजदूरों के भागने से धार्मिक पुस्तक गिरी थी। अदालत ने कहा कि केवल दस्तावेज स्वीकार होने से आरोप सिद्ध नहीं होते। इसी आधार पर दोनों को दोषमुक्त कर जमानत पर रिहा किया गया।