चारधाम अस्पताल के संचालक डॉ. केपी जोशी ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य दूर-दराज के क्षेत्रों से ऐसी प्रतिभाओं को सामने लाना है, जिन्हें अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर नहीं मिला है।
उद्योग विभाग के सहयोग से उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाने वालोें और हस्तशिल्पियों को पहचान दिलाने के लिए अक्तूबर में प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार के साथ ही रोजगार भी दिलाया जाएगा।
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प्रेस क्लब में पत्रकारों को जानकारी देते हुए चारधाम अस्पताल के संचालक डॉ. केपी जोशी ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य दूर-दराज के क्षेत्रों से ऐसी प्रतिभाओं को सामने लाना है, जिन्हें अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर नहीं मिला है।
प्रतियोगिता में परंपरागत वाद्य यंत्र बजाने वालों, संगीत, शिल्प एवं कारीगरी जैसे रिंगाल, लकड़ी, ऊन, नेचुरल फाईवर, ताम्र आदि का काम करने वाले लोगों को शामिल किया जाएगा। बताया कि प्रतिभाओं के चयन के लिए जिला और राज्य स्तर पर एक-एक समिति बनाई जाएगी।
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प्रतियोगिता के विजेता को 51 हजार, दूसरे स्थान पर रहने वाले को 31 हजार और तीसरे नंबर पर रहने वाले को 21 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इस अवसर पर उद्योग विभाग के निदेशक सुधीर नौटियाल भी मौजूद रहे। संवाद