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अपात्रों को मुआवजा बांटने पर लेखपाल पर गिरी गाज, निलंबित      

Fri, 01 Feb 2019 03:39 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खानपुर
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बरसात के दिनों में गंगा नदी से हुए भूमि कटाव के बाद बाढ़ प्रभावितों में अपात्र किसानों नाम जोड़ने और उन्हें मुआवजा देने के मामले में तहसीलदार की रिपोर्ट के बाद उपजिलाधिकारी ने हल्का लेखपाल को निलंबित कर दिया है। लेखपाल को लक्सर तहसील से अटैच करने के साथ ही रिकवरी करने के आदेश भी तहसीलदार को दिए गए हैं। बरसात में नदी का जल स्तर बढ़ने से कई किसानों की भूमि कटाव में बह गयी थी। जिला प्रशासन के आदेश पर लेखपाल ने जांच कर प्रभावितों की सूची बनाकर प्रशासन को भेजी थी। लेखपाल की रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावितों को मुआवजे के चेक बांटे थे।  

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एक जनवरी को लक्सर में तहसील दिवस में कलसिया गांव निवासी जय सिंह ने जिलाधिकारी दीपक रावत के सामने मुआवजा बांटने में गड़बड़ी करने की शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षक वीरसिंह सैनी से मामले की जांच कराई गई तो जांच में खुलासा हुआ कि रघुनाथपुर उर्फ बालावाली गांव के कुल 23 लोगों को पात्र न होते हुए भी सात लाख 29 हजार 225 रुपये के चेक दे दिए गए। इनमें से अधिकांश किसानों को जिस कृषि भूमि में कटाव दिखाकर मुआवजा दिया गया है।

सरकारी दस्तावेजों में वह भूमि उनके नाम ही दर्ज नहीं है। कुछ की जमीनों में कटाव न होने के बावजूद उनके नाम सूची में शामिल करके चेक दे दिए गए थे। इसके बाद उपजिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने तहसीलदार गोपाल चौहान से मामले की जांच कराई, जिसमें अपात्र किसानों को मुआवजा देने की पुष्टि हुई है ।इसके बाद उपजिलाधिकारी ने आरोपी लेखपाल अरूण कुमार को निलंबित कर लक्सर तहसील से अटैच कर दिया है। साथ ही लेखपाल से रिकवरी करने के आदेश तहसीलदार को  दिए गए हैं।

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