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OMG: यहां आयुर्वेद से हो रहा लाइलाज बीमारी का 'खात्मा'

Wed, 06 Jan 2016 02:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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एलोपैथी में लाइलाज मानी जाने वाली ‘क्रॉनिक पैनक्रियाटिटिस’ बीमारी का इलाज दून में आयुर्वेद से किया जा रहा है। पद्मश्री वैद्य बालेंदु का दावा है कि वे अब तक देश-दुनिया के 160 क्रॉनिक पैनक्रियाटिटिस के मरीजों को स्वस्थ कर चुके हैं।
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इस रोग का उनका चिकित्सा फार्मूला पेटेंट के लिए स्वीकार किया गया है। वहीं, सीएम हरीश रावत ने इस दिशा में शोध को बढ़ावा देने के लिए मिशन नोबेल प्राइज के तहत वैद्य बालेंदु को पांच करोड़ रुपये दिए हैं।

क्रॉनिक पैनक्रियाटिटिस बेहद गंभीर बीमारी है। विज्ञान की दुनिया में इस बीमारी की मुख्य वजह वैसे तो एल्कोहल को माना जाता है, लेकिन वैद्य बालेंदु का कहना है कि अगर किसी छोटे बच्चे को यह बीमारी हो रही है तो इसके पीछे यह कारण नहीं है। प्रोटीन, खनिज तत्वों की कमी से यह रोग फैल रहा है।
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प्रति एक लाख में 27 लोगों को है यह बीमारी

वैद्य बालेंदु के मुताबिक देश के दक्षिणी हिस्से में अपेक्षाकृत यह बीमारी तेजी से फैल रही है। दुनिया में हर एक लाख में से करीब 27 लोगों को यह बीमारी है तो भारत में हर एक लाख में यह संख्या 114 मानी गई है। उन्होंने बताया कि देश के 22 राज्यों से उनके पास क्रॉनिक पैनक्रियाटिटिस के मरीज पहुंच रहे हैं।

सरकार ने बढ़ाए शोध को कदम, दिए पांच करोड़
क्रॉनिक पैनक्रियाटिटिस के इलाज के लिए वैद्य बालेंदु के चिकित्सा फार्मूले को विकसित करने और इसका शोध करने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वैद्य बालेंदु को 5.079 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। सात साल के भीतर इस पर रिसर्च होना है। साथ ही इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, जोधपुर में इस पर शोध किया जा रहा है। इंडियन स्कूल ऑफ साइंसेज, बैंगलोर के साथ मिलकर यह शोध किया जाएगा।
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हैदराबाद से आया परिवार इलाज से खुश

हैदराबाद में आईटी प्रोफेशनल अब्दुल गफ्फार के दो बेटे हैं और दोनों ही क्रॉनिक पैनक्रियाटिटिस बीमारी से पीड़ित हैं। आठ साल का बड़ा बेटा रेयान अली दो साल से इस बीमारी से ग्रसित है। हर सात महीने पर उन्हें क्रॉनिक पैनक्रियाटिटिस का अटैक आता है। साढ़े पांच वर्षीय छोटे बेटे इमरान अली को बीते नवंबर-2015 में क्रॉनिक पैनक्रियाटिटिस का अटैक आया।

वह हैदराबाद के प्रसिद्ध एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोलॉजी के साथ ही तमाम जगहों पर बच्चों का इलाज करा चुके हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्हें इंटरनेट के माध्यम से दून में इलाज के बारे में पता चला तो यहां चले आए। 12 दिन से उनके दोनों बच्चे स्वस्थ हैं। उनका कहना है कि उनके बेटे ठीक हो जाएं तो यह उनके लिए सबसे बड़ा गिफ्ट होगा।

क्या है क्रॉनिक पैनक्रियाटिटिस
क्रॉनिक पैनक्रियाटिटिस बीमारी पैनक्रियाज से जुड़ी है। इस पर अभी कम शोध हुआ है। फिलहाल इसका मुख्य कारक पता नहीं है। इस बीमारी में मरीज को दौरा पड़ता है और उसके पेट में तेज दर्द होता है। तेजी से वजन कम होता जाता है। उल्टियां आती हैं और चक्कर आने लगते हैं। 100 में से 98 रोगी को यह शिकायत पाई गई। दौरा पड़ने पर मरीज को हॉस्पिटल में एडमिट किया जाता है। तीन दिन तक उसका खाना बंद रखा जाता है।
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