प्लास्टिक कैरी बैग और बोतल वगैरह कंपनियों के स्टाकिस्ट ग्राहकों के इस्तेमाल के बाद वापस खरीदेंगे। कैबिनेट का फैसला आने के बाद उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ड्राफ्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। यह व्यवस्था की जा रही है कि इस्तेमाल की हुई प्लास्टिक खरीदने के लिए कंपनियां अपने केंद्र खोलेगी। जो कंपनी प्लास्टिक खरीद केंद्र खोलने से ना-नुकुर करेगी, उसके खिलाफ दंड की व्यवस्था की जा रही है।
राज्य की कैबिनेट ने यह अपनी तरह का नया फैसला लिया है। हालांकि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट संबंधी केंद्र सरकार के अधिनियम के प्रावधानों में यह व्यवस्था की गई है कि प्लास्टिक कंपनियां बिकी हुई प्लास्टिक कैरी बैग, बोतल आदि के कचरे के निस्तारण के संबंध में खुद योजना तैयार करके सरकारों को देंगी। इससे प्लास्टिक घरेलू कचरे में नहीं मिल पाएगी और पर्यावरण में प्रदूषण रुकेगा।
सरकार ने पर्यावरण संवर्धन एवं प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए प्लास्टिक की इकाइयों को ग्राहकों के उपयोग किए गए प्लास्टिक कैरी बैग, बोतल आदि को संबंधित वितरक, स्टॉकिस्ट द्वारा बाई बैक करने का उत्तरदायित्व दिया है। इसके लिए अधिनियम का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। इसमें व्यवस्था की जा रही है कि प्लास्टिक कंपनियां अपने खरीद केंद्र खोलेंगी। खरीदी गई प्लास्टिक रिसाइकिल की जाएगी। इस्तेमाल की गई प्लास्टिक की कीमत राज्य सरकार तय करेगी।