चमोली में निर्माणाधीन एक जल विद्युत परियोजना का कार्य कर रही ऋषि गंगा कंपनी के प्रबंध निदेशक को थाना पुलिस ने बिजली चोरी के मामले में सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने प्रबंध निदेशक को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
जनवरी माह में ऊर्जा निगम की ओर से क्षेत्र में बिजली चोरी की आकस्मिक छापेमारी के दौरान जल विद्युत परियोजना के गेस्ट हाउस में बिजली चोरी पकड़ी गई थी।
फरार चल रहा था प्रबंधक
निगम ने तीन लाख बीस हजार रुपये की बिजली चोरी का आकलन प्रस्तुत किया था। 18 जनवरी को निगम के सहायक अभियंता अंकित रावत ने ऋषि गंगा कंपनी के प्रबंध निदेशक रंजीत मेहरा के विरुद्ध जोशीमठ कोतवाली में बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज किया।
रंजीत मेहरा फरार तभी से चल रहे थे। आठ माह बाद भी फरार एमडी की गिरफ्तारी नहीं होने पर न्यायालय ने उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया।
कोर्ट ने भेजा जेल
जोशीमठ के कोतवाल हरेंद्र बिष्ट ने बताया कि रंजीत मेहरा छत्तर सिंह पार्क, मॉडल टाउन (लुधियाना) के निवासी हैं। उनकी खोजबीन के लिए पुलिस ने लुधियाना तक दबिश दी लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। दो दिन पहले ही वह जोशीमठ पहुंचे और यहां साइट पर काम करवाना शुरू कर दिया।
इसकी सूचना मिलते ही सोमवार को कोतवाली पुलिस ने परियोजना साइट से रंजीत मेहरा को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को ही उन्हें स्पेशल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया है।