बुजुर्ग माता-पिता को घर से बेदखल करने के मामले पर मानवाधिकार आयोग ने कड़ा रुख दिखाया है। आयोग ने इस मामले में डीएम से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि दोनों पक्षों को बुलाकर मध्यस्थता करें। इसकी रिपोर्ट भी आयोग में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय सामाजिक न्याय कृति मंच के भूपेंद्र कुमार ने उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग में इसकी शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि बुजुर्ग अनिता तिवारी और उनके पति चमन लाल तिवारी फिलहाल खुड़बुड़ा मोहल्ला में रहते हैं। दोनों बुजुर्ग अलग-अलग गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दंपति को उनके बेटे और बहू ने घर से निकाल दिया है। जबकि पार्क रोड स्थित जिस घर से उन्हें निकाला गया है, वह स्वयं ही उस संपत्ति के मालिक हैं। बहू-बेटे का व्यवहार सही न होने के कारण दंपति ने उनको अपनी संपत्ति से कानूनन बेदखल किया हुआ है। पीड़ित दंपति न्याय पाने के लिए जगह-जगह ठोकरें खा रहे हैं, लेकिन उन्हें कहीं भी न्याय नहीं मिला।
आयोग के सदस्य जस्टिस राजेश टंडन और डॉ. हेमलता ढौंढियाल ने मामले की सुनवाई की। आयोग ने डीएम को निर्देश दिए कि एसडीएम सदर को निर्देशित कर आयोग में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। दंपति ने पूर्व में इसकी शिकायत डीजीपी से भी की है। इसे देखते हुए आयोग ने डीजीपी से भी सुनवाई की अगली तिथि से पहले रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई तीन अगस्त है।