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लाखों साल बाद अनोखी घटना का गवाह बना मंगलयान

Mon, 20 Oct 2014 04:18 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नैनीताल
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खगोलीय घटनाओं के क्रम में रविवार की रात्रि अहम रही। लाखों सालों के अंतराल के बाद साइडिंग स्प्रिंग धूमकेतु मंगल के करीब से गुजरा।
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रात्रि में हुई इस घटना को भारतीय अंतरिक्ष शोध संगठन इसरो की ओर से छोड़े गए मंगलयान ने भी नजदीक से निहारकर घटनाओं को कैद किया।

जो भविष्य में धूमकेतु तथा उसके लाल ग्रह पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी हासिल करने में अहम साबित होगी।

बता दें कि लगभग 800 मीटर व्यास के तथा वर्ष 2013 में खोजे गए साइडिंग स्प्रिंग धूमकेतु के रविवार को मंगल ग्रह से करीब से गुजरने की संभावनाओं के चलते इसरो, नासा समेत सभी खगोल वैज्ञानिकों की नजरें इस पर गड़ी हुई थीं।

रात्रि लगभग 12.27 बजे किया मंगल की कक्षा में प्रवेश

मंगल की कक्षा में प्रवेश की रात्रि लगभग 12.27 से करीब एक घंटे तक मंगलयान समेत विभिन्न माध्यमों से धूमकेतु के संबंध में सचित्र जानकारी एकत्र की गई।

एरीज के वैज्ञानिक डॉ. योगेश जोशी बताते हैं कि वायुमंडल में शून्य डिग्री से नीचे के तापमान पर पानी ठोस वस्तु में बदल जाता है और धूमकेतु के रूप में सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने लगता है।

सैकड़ों हजारों सालों की परिक्रमा में उसके बाहरी आवरण पर धूल, आयरन पार्टिकल्स समेत वायुमंडल में मौजूद अन्य तत्व चिपक जाते हैं, जो उसके व्यास में बढ़ोतरी के सात उसे ठोस बनाते हैं।

ऐसे हजारों कामेट वायुमंडल में घूम रहे हैं। जो कई बार बृहस्पति, शनि, वरुण, अरुण आदि ग्रहों की कक्षाओं से गुजरते हैं। सूर्य के नजदीक आने पर इनकी बर्फ पिघलने लगती है।
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धूमकेतु की मंगल ग्रह में पहुंचने की पहली घटना

इस दौरान धूमकेतु का पिघला हुआ हिस्सा चमकीला नजर आता है। पिघली हुई बर्फ पानी बनकर धूल के कण, आयरन पार्टिकल्स आदि के साथ पीछे की ओर गिरती है, जिसे पूंछ के रूप में देखा जाता है।

डॉ. जोशी बताते हैं इस धूमकेतु की मंगल ग्रह में पहुंचने की यह पहली घटना है। इसका व्यास बड़ा होने तथा मंगल ग्रह के करीब से गुजरने के कारण वैज्ञानिकों के लिए यह घटना अहम है। उन्होंने कहा कि इससे मंगलयान अथवा किसी को खतरा नहीं है।

वैज्ञानिक इनकी चाल के अनुरूप यान अथवा सेटेलाइट को स्थापित करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर स्थान परिवर्तन भी करते हैं।

इसके विकिरण से सेटेलाइट के कम्यूनिकेशन में आंशिक प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। उन्होंने कहा कि घटना के चित्र इस संबंध में जानकारी जुटाने में मददगार साबित होंगे।
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