मानसून सत्र में वन विभाग कार्बेट टाइगर रिजर्व में हाथियों से गश्त करेगा। ऑपरेशन मानसून के लिए हाथी कालागढ़ पहुंच गए हैं। ऐसा बरसात के सीजन में उफनते नदी नालों और झाड़ियों के बढ़ने के कारण किया जाता है।
मानसून सत्र में हाथी से गश्त
मानसून सत्र में वन और वन्य जीवों की सुरक्षा कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए और चुनौतीपूर्ण हो जाती है। जगह-जगह उफनते नदी-नाले, जमीन पर उगी झाड़ियां और रेंगते सांप-बिच्छूओं से खतरा बना रहता है, ऐसे समय में गश्त के लिए हाथियों का उपयोग किया जाता है।
इसे ऑपरेशन मानसून के नाम से जाना जाता है। रेंज अधिकारी भारत सिंह सजवाण ने बताया कि गश्ती दलों को अब तक कोई संदेहजनक मामला नजर नहीं आया है। बावजूद इसके सतर्कता बरती जा रही है।
कालागढ़ में पहुंची पवन परी
रेंज अधिकारी के अनुसार आपरेशन मानसून के लिए पवन परी और उसकी सहयोगी हथिनी कालागढ़ पहुंच चुकी हैं। एक को झिरना रेंज में गश्त के लिए भेजा जा रहा है।
गश्त के दौरान कालागढ़ में ये दोनों हथिनी लोगों के आकर्षण का केंद्र बन रही है। केंद्रीय कालोनी में स्थित वाल्मीकि ब्रह्मालय पर जब ये हाथी पानी पीने और नहाने के लिए पहुंची तो इन्हें नजदीक से देखने के लिए भीड़ लगी रही।