विकासनगर बाजार में ठंड से बचाव के लिए अपनी व्यवस्था पर लकड़ियों का इंतजाम कर हाथ तापते लोग।
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दिसंबर ने दूसरे सप्ताह में ही ठंड का प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। शाम ढलते ही ठंडी हवाएं शरीर में सिहरन पैदा करने लगी हैं। बावजूद अब तक नगर पालिका प्रशासन अलाव और रैन बसेरे की कोई व्यवस्था नहीं कर पाया है। बाहर से आने वाले यात्रियों को खुले आसमान के नीचे सिकुड़ते हुए रात काटनी पड़ती है। वहीं नगर पालिका प्रशासन अभी अलाव खरीदने के लिए इस्टीमेट ही तैयार कर रहा है।
मालूम हो कि विकासनगर शहर पछवादून के साथ ही जौनसार बावर, उत्तरकाशी, टिहरी और पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के कई गांव का केंद्र बिंदु हैं। यहां पर बड़ी संख्या में लोग खरीदरारी के लिए आते हैं। कई मर्तबा वाहन न मिलने के कारण बाहर से आने वाले यात्रियों को देर रात तक खुले में ही वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में ठंड के समय में अलाव न जलने के कारण उन्हें ठिठुरते हुए रात काटनी पड़ती है। हर साल ठंड शुरू होते ही ऐसे लोगों के लिए अलाव और रैन-बसेरे की व्यवस्था की जाती है। लेकिन दिसंबर माह शुरू होने के बाद भी न तो अलाव और न ही रैन-बसेरे का कुछ अता-पता है। अधिशासी अधिकारी भजन लाल आर्य ने बताया कि अलाव जलाने के लिए इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। जल्द ही रैन-बसेरे का निर्माण किया जाएगा।