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I- अस्पताल में अनाधिकृत रूप से कार्य कर रही एक महिला को हटाने के दिए निर्देशI
सीएमओ डॉॅ. संजय जैन ने उप जिला अस्पताल विकासनगर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समेत छह कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सीएमओ ने सभी के एक-एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। वहीं, अस्पताल में अनाधिकृत रूप से कार्य कर रही एक महिला को तत्काल हटाने के लिए कहा। सीएमओ ने अस्पताल में पसरी गंदगी पर कड़ी नाराजगी जताई। सीएमएस को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
मंगलवार को सीएमओ अचानक उप जिला अस्पताल विकासनगर पहुंचे। उन्होंने सीएमएस से अस्पताल में तैनात कर्मचारियों की सूची मांगी। उसके बाद प्रशासनिक भवन सहित पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जयवीर सिंह, वार्ड बाय स्नेह पाल सिंह, सफाई नायक राजदास, पीआरडी कर्मचारी नेहा, शालू और नीलम बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। सीएमओ ने सीएमएस डॉ. विजय सिंह को अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लगातार अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाए। ड्यूटी को लेकर लापरवाह कर्मचारियों पर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने एसएनसीयू वार्ड को देखा। उन्होंने पूछा कि वार्ड में एक भी नवजात भर्ती क्यों नहीं है। सीएमएस ने बताया कि वार्ड में तैनात दोनों स्टाफ नर्स अवकाश पर हैं। इसलिए नवजात को भर्ती नहीं किया जा रहा है। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में अक्तूबर में 45 प्रसव हुए हैं। सितंबर माह में 178 गर्भवतियों के प्रसव हुए। सीएमओ ने एक शिकायत पर अस्पताल में अनधिकृत रूप से कार्य कर रही महिला सितारा को हटाने के निर्देश दिए।
Iदवाई और जांच के लिए बाहर भेजा तो होगी कार्रवाईI
सीएमओ ने ओपीडी कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी चिकित्सकों और विशेषज्ञों से साफ कहा कि मरीज को बाहर से दवा लिखने या पैथोलॉजी जांच, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे लिखने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं संबंधित चिकित्सक और विशेषज्ञ के सेवा अभिलेखों में प्रतिकूल प्रविष्टि अंकित करने तक के कड़े कदम उठाए जाएंगे।
Iअस्पताल में नहीं लगे थे सिटीजन चार्टI
- निरीक्षण के दौरान अस्पताल में सिटीजन चार्ट लगे हुए नहीं पाए गए। सीएमओ ने सीएमएस को सिटीजन चार्ट लगवाने के निर्देश दिए। कहा कि अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, निशुल्क होने वाली जांच और जन औषधि केंद्र में उपलब्ध जेनेरिक दवाओं से संबंधी बोर्ड भी लगाए जाए।