राष्ट्र के मूल्यों से स्वामी ने नहीं किया समझौता
योगी आदित्यनाथ ने भारत माता मंदिर से जुड़ा संस्मरण सुनाते हुए कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज सनातन परंपरा के सशक्त ध्वजवाहक थे। 1982 में भारत माता मंदिर के लोकार्पण में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तत्कालीन सर संघ चालक बाल साहब देवरस के साथ शामिल हुईं। यह अकल्पनीय संयोग था, इसमें राष्ट्राध्यक्ष के सम्मान के साथ राष्ट्र के मूल्यों के साथ कोई समझौता नहीं किया गया। स्वामी सत्यमित्रानंद ने अपने नाम के अनुरूप कार्य किया।
सीएम धामी को दी शुभकामनाएं
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड भारत की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। राज्य आज विकास के आयाम लिख रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री के निर्देशन में विकास और विरासत को संजोकर कार्य कर रहे हैं। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री को बधाई भी दी।
जब संत करने लगे उद्घोष
कार्यक्रम का संचालन कर रहे महामंडलेश्वर डॉ. हरिचेतनानंद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधन के लिए आमंत्रित करते उन्हें राष्ट्र का भविष्य कहकर संबोधित किया। इस पर सामने बैठे संत, महंत जय श्रीराम का उद्घोष करने लगे।