एनडी तिवारी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेते सीएम
दिनभर के तय कार्यक्रम के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अचानक दिल्ली जाने पर सियासी हलकों में अफवाहों का बाजार गरम रहा। किसी ने राजनाथ सिंह के जन्मदिन के चलते उनके अचानक दिल्ली जाने की बात कही, तो किसी ने उत्तरा बहुगुणा और हरीश रावत की आम पार्टी में शिरकत पर सवाल-जवाब के लिए तलब किए जाने तक की अफवाह उड़ा डाली। देर रात तक सियासी गलियारों से लेकर नौकरशाही तक में इस बात की सुरागरसी होती रही कि आखिर सीएम अचानक दिल्ली गए क्यों?
मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार के साथ डोईवाला में सीपेट केंद्र के उद्घाटन समेत अन्य कार्यक्रमों में शरीक होना था। इसके बाद शाम पांच बजे उन्हें सूचना आयुक्त चयन संबंधी समिति की बैठक लेनी थी। मगर सुबह दस बजे के करीब उनके अचानक दिल्ली जाने का कार्यक्रम बन गया। बस, इसके बाद से चर्चाओं का ऐसा दौर शुरू हुए, जो देर रात तक बदस्तूर चलता रहा। सचिवालय के गलियारों से लेकर सियासी हलकों तक में सबकी जुबान पर एक ही सवाल था कि मुख्यमंत्री अनायास दिल्ली क्यों गए?
एक निजी चैनल ने तो मुख्यमंत्री के बदले जाने तक की खबर चला डाली। यही नहीं प्रकाश पंत को अगला सीएम तक बता दिया। फिर क्या था, देखते ही देखते यह सुर्रा राज्यभर में फैल गया। गढ़वाल के अलावा कुमाऊं और दिल्ली तक नेता-नगरी बेचैन हो उठी। एक-दूसरे को फोन करके इस औचक कार्यक्रम के पीछे तमाम कयासबाजी होती रही। उत्तरा बहुगुणा से लेकर हरीश रावत की आम पार्टी ही नहीं कुछ ने तो हरीश रावत को भाजपा में शामिल करवाने तक को कारण बता डाला। सचिवालय में जिस भी अधिकारी के कमरों में पत्रकारों ने दस्तक दी, वहां आज पहली चर्चा इसी बात को लेकर शुरू हुई। ऐसे में सोशल मीडिया कहां पीछे छूटने वाला था। सीएम ही नहीं यहां तो पूरी कैबिनेट और शासन में भारी फेरबदल तक कर दिया गया।
अमर उजाला ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से इस संबंध में पूछा तो उन्होंने बताया कि वे यहां केवल एनडी तिवारी का हालचाल लेने आए हैं। तिवारी की दोनों किडनियां खराब हो गई हैं और वे डायलिसिस पर हैं। इसके अतिरिक्त सिर्फ खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से राज्य के कुछ मुद्दों को लेकर मुलाकात की बात उन्होंने कही। सीएम ने कहा कि वे बुधवार को होने वाली कैबिनेट में मौजूद रहेंगे।