‘राज्य में मौजूद औद्योगिक विकास की संभावनाओं का दोहन करने के लिए युवा आगे आएं’, युवा उत्तराखंड उद्यमिता एवं स्वरोजगार कार्यक्रम में रोजगार के सवाल पर बुधवार को हजारों युवाओं से सीधे संवाद करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने युवाओं से यह अपील की।
उन्होंने कहा कि सरकार का सहयोग और युवाओं का यह प्रयास राज्य की तकदीर बदल सकता है। बुधवार को परेड ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रावत ने रोजगार और स्वरोजगार पर सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड हर लिहाज से समृद्ध राज्य है।
यहां उद्योग और स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। युवाओं को इन्हीं संभावनाओं का उचित दोहन करने के लिए आगे आना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं।
उन्होंने उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए पहली बार ग्रोथ सेंटर की परिकल्पना पर भी बात की। उन्होंने कहा कि नई नियुक्तियों में सामान्य वर्ग के गरीब लोगों के लिए दस फीसदी आरक्षण की व्यवस्था कर दी गई है।
कार्यक्रम के संयोजक और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार 2019 को रोजगार वर्ष के तौर पर मना रही है। ओयो के सीईओ आदित्य घोष ने कहा कि दिल में जज्बा और आंखों में सपना हो तो कोई भी काम किया जा सकता है।
सफल व्यक्ति वही है, जिसे देखकर दूसरे लोग प्रेरित हों। सपना देखिए और उसे पूरा करने के लिए पूरी तरह फोकस होकर काम करिए। संपर्क फाउंडेशन के विनीत नायर ने कहा कि उड़ना सीखें। कम से कम कोशिश तो जरूर करनी चाहिए।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, मदन कौशिक, डॉ. हरक सिंह रावत, रेखा आर्या, टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह प्रमुख रूप से उपस्थित थे। सरकार की ओर से इस कार्यक्रम में दस हजार से ज्यादा युवाओं के कार्यक्रम में भाग लेने का दावा किया गया है।
52 डिग्री कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रोजगार के अवसरों पर जानकारी हासिल की। इस मौके पर विषय विशेषज्ञ के तौर पर 50 प्रमुख उद्यमियों ने युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। विभिन्न सत्रों में उन्होंने युवाओं से अपने अनुभव साझा किए और सफलता के मंत्र समझाए।