मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत यहां की लड़ाई से बाहर निकले, तो कांग्रेस का प्रचार करने दिल्ली पहुंचे। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस की गुटबाजी पर भी तंज करते हुए कहा कि अभी तो वे कभी मसूरी में लड़ रहे हैं तो कभी टिहरी में तो कभी अल्मोड़ा में है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार से लौटे मुख्यमंत्री सोमवार को जब सचिवालय पहुंचे तो पत्रकारों ने उनसे बातचीत की। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि हरीश रावत दिल्ली विधानसभा में कांग्रेस का प्रचार नहीं कर रहे हैं। इस सवाल पर मुख्यमंत्री कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी पर तंज करने से नहीं चूके। संकेतों में उन्होंने कहा कि हरीश रावत यहां की लड़ाई से निकले तो दिल्ली में प्रचार करें।
भाजपा के पक्ष में दिल्ली का माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में बहुत बढ़िया माहौल है। देश की जनता भाजपा को सत्ता में लाएगी। केजरीवाल ने पिछले पांच साल झूठे वादे किए। दिल्ली की जनता ठगा हुआ महसूस कर रही है। इससे सभी वाकिफ हैं कि केजरीवाल ने अन्ना हजारे के कंधे पर चढ़कर राजनीति की। आज उनके साथ कोई नहीं है। पीएम मोदी ने जो बोल्ड फैसले लिए, उससे दिल्ली के लोग प्रभावित है। दिल्ली में भाजपा को बहुमत मिलेगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अगले साल होने वाले कुंभ मेला के लिए चल रहे निर्माण कार्यों तेजी से कराने के साथ ही गुणवत्ता का ध्यान रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि तैयारियों में प्रयाग कुंभ के मेलाधिकारी रहे विजय किरण आनंद के अनुभवों का लाभ भी लिया जाए।
सोमवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2021 में होना वाला कुंभ मेला भव्य एवं दिव्यता के साथ आयोजित होना चाहिए। यह राज्य की प्रतिष्ठा से जुड़ा विषय है। देवभूमि की परंपरा के अनुरूप इस विश्व स्तरीय आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के प्रमुख अपनी जिम्मेदारी को समझें। कुंभ मेला के स्थायी निर्माण कार्यों के लिए अपेक्षित बजट जारी किया जा चुका है। अधिकारी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ तेजी से कराएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले में देश दुनिया से लगभग 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसके अनुसार ही मेले में व्यवस्थाएं होनी चाहिए। समयबद्ध तरीके से सभी विभाग अपनी कार्य योजना धरातल पर उतारें। मेेले के सफल आयोजन में सभी अखाड़ों के संत महात्माओं, जन प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों के साथ ही आम जनता का भी सहयोग लिया जाएगा।
10 फरवरी को वह स्वयं मेला नियंत्रण भवन हरिद्वार में मेले की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर बैठक करेंगे। सीएम ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने विभाग से संबंधित कार्यों की गहनता से स्थलीय निरीक्षण व्यक्तिगत रूप से बैठक में उपस्थित रहे। बैठक में सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।