प्रधानमंत्री के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ सुनकर युवाओं ने अपने जीवन की दिशा बदली है। उन्होंने अपने लिए नहीं बल्कि सबके लिए सोचना शुरू किया है। आज ‘मन की बात’ एक जन क्रांति का रूप ले चुकी है। यह बातें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने कहीं। मुख्यमंत्री रविवार को बद्रीपुर स्थित अपना घर आश्रम में बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुन रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरू में लगता था कि रेडियो कितने लोग सुनना पसंद करेंगे, लेकिन ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुनने के लिए आज लाखों लोगों ने फिर रेडियो सुनने लगे हैं। ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से वर्षाकाल के दौरान होने वाली आपदाओं से निपटने और सहायता पहुंचाने की योजनाओं का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने अपने कहा है कि वर्षाकाल बड़ा लुभावना काल होता है, लेकिन कभी-कभी वर्षा विकराल रूप ले लेती है।
कुछ दिनों से देश के कुछ हिस्सों विशेषकर असम नार्थ ईस्ट गुजरात, राजस्थान, बंगाल में अतिवर्षा के कारण आपदा झेलनी पड़ी है। जहां कहीं भी संभव होता है हमारे मंत्री व्यक्तिगत रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाते हैं। सरकार सेना, वायु सेना, एनडीआरएफ , अर्द्धसैनिक बल बाढ़ प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाने के प्रयास करते है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1078 वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।