अपने घर के पास शराब का ठेका खोलने के विरोध में एक युवक 21 दिन तक धरने पर बैठा रहा। जब उसकी किसी ने नहीं सुनी तो थक हार कर युवक ने खौफनाक कदम उठा डाला।
रविवार को युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की। ग्रामीण को कनखल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें युवक ने जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक और ठेकेदार समेत कई अन्य लोगों को अपनी आत्महत्या करने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। ।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जगजीतपुर स्थित शराब का ठेका हटा दिया गया था। उसके बाद से इस ठेके को कई स्थानों पर खोला गया, लेकिन हर बार विरोध के कारण ठेका हटाना पड़ा। इन दिनों जगजीतपुर से सटे मिस्सरपुर की सीमा में आबादी के पास ही शराब का ठेका खोला गया है। यहां भी ग्रामीण इसके विरोध लंबे समय से धरने पर बैठे हैं।
शनिवार रात को ग्रामीणों ने शराब के ठेके को बंद करने की मांग को लेकर विधायक स्वामी यतीश्वरानंद से मुलाकात की थी। रविवार को विधायक धरना स्थल पर पहुंचे और ठेके पर ताला लगवा दिया। इससे नाराज शराब ठेकेदार के लोगों ने धरना स्थल पर पहुंचकर वहां मौजूद महिलाओं से अभद्रता की।
विरोध करने पर ग्रामीणों और ठेकेदार के लोगों के बीच मारपीट हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने भी ग्रामीणों से अभद्रता की। इसी गहमा गहमी के बीच रविवार दोपहर को धरने पर बैठे मिस्सरपुर निवासी गुलशन कुमार सैनी ने बोतल में लाए जहरीला पदार्थ पी लिया। गुलशन के जहर पीते ही वहां अफरा तफरी मच गई। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया।