10 जुलाई तक पांच हजार स्कूलों में शुरू होगी बालवाटिका
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए राज्य में यह पहला शैक्षिक चिंतन शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद प्राचार्यों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को भी इस तरह के शैक्षिक चिंतन शिविर में बुलाया जाएगा। इस तरह के शैक्षिक चिंतन शिविरों के आयोजन से शिक्षा के क्षेत्र में आगे का रोडमैप तैयार होगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत 30 छात्रों पर एक टीचर का होना जरूरी है। उत्तराखंड में अभी 15 छात्रों पर एक टीचर है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बनने जा रहा है। नई शिक्षा नीति के तहत 10 जुलाई तक पांच हजार स्कूलों में बालवाटिका शुरू होगी। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री करेंगे।
जिला व ब्लॉक स्तर पर सांसद, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि इसका शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा राज्य में विद्या समीक्षा केन्द्र एक साल में बनकर तैयार हो जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से पांच करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं 23 हजार शिक्षण संस्थानों को नशा मुक्त बनाया जाएगा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने बालवाटिका पुस्तक एवं शिक्षा विभाग की मार्गदर्शिका के साथ ही पुस्तक ‘निपुण भारत’ एवं ‘सामान्य ज्ञान एक पहल’का विमोचन किया। कार्यक्रम में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री आरके सिन्हा, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी, शिक्षा निदेशक आरके कुंवर, निदेशक सीमा जौनसारी आदि मौजूद रहे।