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हर जिले में बने ‘आजीविका’ बाजारः सीएम

Sat, 10 Jan 2015 12:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को कहा कि राज्य की जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। ताकि वह अपना जीवन स्तर सुधार कर प्रदेश की तरक्की में योगदान कर सके। स्वयं सहायता उत्पादक समूहों के कार्य अनुभव साझा करने के लिए आजीविका परियोजना से जुड़ी महिलाओं की राज्य स्तरीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने कहा कि  राज्य में धन की कोई कमी नहीं है। सरकार पूरी तरह आपके साथ है।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि समूह में जुड़ी महिलाएं आजीविका कमाकर घर की स्थिति सुधारने में योगदान कर सकती हैं। उन्हें उत्पादन पर जोर देना चाहिए। पहले वे अपने लिए अन्न उगाएं। फिर बेचने के लिए बाजारों में ले जाएं, ताकि आमदनी बढ़ सके।

सीएम ने हर जिले में आजीविका बाजार बनाने की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों का बनाया सामान केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में भी बेचना चाहिए। जिससे पर्यटक उसे खरीद सकें। उन्होंने दिल्ली में भी सामान भेजने की व्यवस्था करने को कहा। आश्वासन दिया कि इसके लिए सरकार पूरी मदद देगी।
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संसदीय सचिव गणेश गोदियाल ने मिल जुल कर राज्य की तरक्की में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार सहायता कर सकती हैं, काम का जिम्मा आपका है। यहां विधायक हरबंस कपूर और मुख्य सचिव एन रविशंकर भी रहे।  

जीवन स्तर सुधार रही ‘आजीविका’
उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति प्रदेश के पांच जिलों टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, अल्मोड़ा और बागेश्वर के गरीब और पिछड़े समुदाय, विशेषकर महिलाओं की आय बढ़ाकर उनका जीवन स्तर सुधार रही है। इस मकसद से परियोजना ‘आजीविका’ की वर्ष 2004 में शुरुआत हुई। इसमें करीब 90 प्रतिशत महिलाएं जुड़ी हैं। उत्तरकाशी परोला निवासी विजय लक्ष्मी रोहिणी ने बताया कि उनके यहां महिलाओं ने समूह के तौर पर काम करना शुरू किया था। शुरुआत में आय कम थी, जो वक्त के साथ बढ़ती जा रही है।
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