भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) में शुक्रवार से तेल एवं गैस संरक्षण पखवाड़े की शुरुआत हो गई। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जापान में ऊर्जा संरक्षण के लिए अपनाए जा रहे तरीकों में वहां लोगों के दो दिन साइकिल चलाने का जिक्र किया, लेकिन साथ यह कहने से नहीं चूके कि अगर यहां एक दिन के लिए साइकिल चलाने की घोषणा की जाए तो लोग धरना-प्रदर्शन पर उतर आएंगे।
मुख्यमंत्री ने आईआईपी के साथ ही तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग (ओएनजीसी) को चौराहों पर ऊर्जा उत्सर्जन को न्यूनतम किए जाने के संबंध में सीएसआर के तहत साथ आने के लिए कहा। बोले कि इस कार्य में राज्य सरकार भी मदद करेगी।
देहरादून और हल्द्वानी को उन्होंने इस शुरुआत के लिए बेहतर करार दिया। कहा कि चालक अपनी क्षमता से वाहन में व्यय होने वाले ईंधन का 10 फीसदी बचा सकता है। समस्या यह है कि तमाम ड्राइविंग स्कूल हफ्ते भर में सर्टिफिकेट दे देते हैं। यहां से निकले अधकचरे ड्राइवर ही जान के दुश्मन बनते हैं। वह ईंधन का भी नुकसान करते हैं।
उन्होंने आईआईपी को ड्राइविंग स्कूलों के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराने की बात कही। इससे पहले उन्होंने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। सेव गैस, सेव आयल लिखे परिधान पहनकर श्रृंखला बनाए बच्चों को भी जागरूक बनने की सीख दी।
कच्चे तेल की कीमतें ज्यादा गिरना गेम प्लान?
कच्चे तेल की कीमतों में आ रही कमी से हर कोई राहत महसूस कर रहा है, लेकिन आईआईपी के निदेशक डा. एमओ गर्ग की मानें तो इसके पीछे गेम प्लान हो सकता है। हालांकि उन्होनें गेम प्लान का खुलासा नहीं किया। बोले कि वर्ष 2007-08 में भी 150 डालर प्रति बैरल से यह काफी नीचे आ गया था, उस वक्त भी अचानक कीमतें ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं थीं।
...तो यूपीसीएल ने बंद की सोलर प्लांट सब्सिडी
आईआईपी के निदेशक ने मुख्यमंत्री के समक्ष संस्थान की छत पर लगे 150 किलो वाट के सोलर एनर्जी पैनल का मुद्दा उठाया। कहा कि पहले सब्सिडी मिल रही थी, लेकिन अब यूपीसीएल ने सब्सिडी बंद कर दी है। उधर, यूपीसीएल के प्रवक्ता मधूसूदन ने बताया कि प्रति किलोवाट 50 रुपये सब्सिडी दी जाती है। बिल में भी सब्सिडी एडजस्ट की जाती है।
...तो आपसे घर मांग लेता
मुख्यमंत्री आईआईपी में पसरी शांति से बेहद सुकून में नजर आए। मंच से बोले कि मैं यहां से रिटायरमेंट की कामना करूं, ऐसा अवसर नहीं मिला, लेकिन मौका मिलता तो आपसे यहां स्थायी घर जरूर मांग लेता। यहां बहुत शांति है।