सीएम हरीश रावत ने उत्तराखंड सचिवालय सेवा अधिकारी संघ के प्रतिनिधिमंडल से कार्यसंस्कृति में बदलाव लाने की सलाह दी है। प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में पदोन्नति के बाद अनुसचिवों के लिए कार्यालय तक की सुविधा नहीं होने से लेकर अन्य समस्याएं सीएम से रखी।सीएम ने कहा कि जनता की अपेक्षाएं बहुत अधिक बढ़ती जा रही हैं। पत्रावलियों के निस्तारण में अकारण विलंब नहीं होना चाहिए। सिस्टम के प्रति जनता के विश्वास बनाए रखने के लिए हमें परिणाम देने ही होंगे।प्रतिनिधिमंडल के ज्ञापन के सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय में अधिकारियों के बैठने व पत्रावलियों के रखने के लिए उचित व्यवस्थाएं काम करने के लिए कार्यालय में आवश्यकतानुसार कंप्यूटर की व्यवस्था की मांग वाजिब है।मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव सुभाष कुमार को फोन पर इसके लिए निर्देशित भी किया। प्रतिनिधिमंडल में संघ के अध्यक्ष आरके तोमर, उपाध्यक्ष पन्ना लाल शुक्ला, महासचिव ब्योमकेश दुबे शामिल थे।
पीसीएस परीक्षा की तिथि बढ़ाने की सीएम से मांग
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को सीएम हरीश रावत से पीसीएस की परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि तिथि आगे खिसकने से पीसीएस की परीक्षा के पैटर्न में एकाएक हुए परिवर्तन को समझने में अभ्यर्थियों को समय मिलेगा।साथ ही केवल आनलाइन आवेदन की अनिवार्यता को भी समाप्त करवाने का अनुरोध किया। सीएम ने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं में जाने के लिए तैयारी कर रहे छात्र छात्राओं को बदलते समय के अनुरूप खुद को अपडेट करना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि वे उनकी मांगों पर विचार करेंगे और परीक्षा की तिथि को आगे बढ़ाने की मांग न्यायोचित लगी तो वे लोक सेवा आयोग से अनुरोध करेंगे। हालांकि सीएम ने साफ कर दिया कि लोक सेवा आयोग के काम में सरकार को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।