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गुस्साए सीएम रावत, कहा मैं साफ करूंगा नाली!

Wed, 08 Jul 2015 04:15 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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कांग्रेसियों को काम न करने का उलाहना देते-देते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत का पारा हाई हो गया।
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पंद्रह मिनट हो-हल्ला में गुजरने के बाद मुख्यमंत्री बोले-‘जनसुनवाई शुरू हो।’ इस पर लता अग्रवाल फिर चीखीं, सीएम बोले-यह जनसुनवाई दून के लिए है, हरिद्वार वालों को नहीं बुलाया।

इस पर लता अग्रवाल मंच के पास आ गईं, बोलीं-वर्ष 2011 में मेला हॉस्पिटल के आई टेक्नीशियन ने उनके साथ छेड़खानी की थी। सीएमओ, आईजी पुलिस और डीजी हेल्थ से शिकायत कर चुकी हैं। दोषी गिरफ्तार नहीं हुआ सारे विभाग भ्रष्ट हैं। वे अड़ी रहीं। इस पर मुख्यमंत्री ने आईजी से बात की और एसडीएम को जांच के लिए कहा।
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मुख्यमंत्री बीच-बीच में कहते रहे कि ‘हम सब कुछ जान चुके हैं। कार्यक्रम बिगाड़ने की बहुत कोशिश हुई है। जिन्हें विश्वास नहीं है वे यहां से चले जाएं।’ इस दौरान कलक्ट्रेट का स्टाफ लोगों से प्रार्थना पत्र लेता रहा। अब तक एक हजार पत्र आए थे। इनमें 90 फीसदी आर्थिक सहायता के थे।

फीड बैक लेकर मुख्यमंत्री रावत ने जनसुनवाई के पहले ही पल्ला झाड़ लिया। कह दिया कि आर्थिक सहायता वाले मामलों की पहले जांच होगी। ऐसे लोग चले जाएं। अब बारी आई लोगों की शिकायत सुनने की इंद्रेश नगर के सोमचंद्र ने कहा कि बारिश हो रही है नालियां साफ नहीं हुईं। घरों में पानी आ रहा है।

इस पर मुख्यमंत्री एमएनए नितिन भदौरिया पर बिगड़ गए। बोले-‘क्या कर रहे हैं आप?’ फिर बोले कि ‘नाली साफ न हो तो शुक्रवार को आना मैं खुद जाकर साफ करूंगा।’ जिला पंचायत राज अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा खान मंच से नाम पुकारते और लोग समस्याएं बताते रहे। पौने दो घंटे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री बोले-‘क्या छोटी-छोटी समस्याएं आ रही हैं। अभी तक कोई ऐसा मामला नहीं आया जिस पर गौर करना पड़े।’

रात सवा एक बजे तक चली सीएम की बैठक
मंगलवार को मुख्यमंत्री को जिले के सभी विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करनी थी। इसके लिए पहले समय दोपहर तीन बजे तय किया गया था। लेकिन पहले कार्यकर्ता सम्मेलन और उसके बाद जन सुनवाई कार्यक्रम में देरी के कारण बैठक रात 9.45 बजे शुरू हो र्पाई। लंबे इंतजार के बाद बैठक आरंभ हुई तो देर रात सवा एक बजे तक चली।

बैठक में जिले के सभी विभागों के करीब 100 अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसी को सख्त तो किसी को नरम लहजे में चेताया। करीब साढ़े चार घंटे तक चली बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों के पेच कसे गए। सीएम ने साफ कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बरदाश्त नहीं की जाएगी।
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राजपुर रोड स्थित मंथन सभागार में समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अफसरों के गोलमोल जवाब देने पर जमकर क्लास लगाई। सूत्रों ने बताया कि सीएम ने विभाग वार अधिकारियों से सवाल-जवाब किए।
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