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पुत्रजीवक बीज दवा मामले में फंसा नया पेंच

Wed, 08 Jul 2015 03:43 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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बाबा रामदेव की दिव्य फार्मेसी की विवादित रही दिव्य पुत्रजीवक बीज दवा को पेंच फंस गया है। सरकार ने आयुष और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से दवा पर अलग अलग जांच रिपोर्ट मांगी थी।
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आयुष विभाग ने अपनी जांच में दवा को गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप सही पाया था हालांकि लाइसेंस से संबंधित कुछ खामियां मिली थी। उधर, स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग ने अपनी रिपोर्ट दवा को पीसी-पीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन की श्रेणी में माना है।

ऐसे में शासन ने फार्मेसी के खिलाफ जो न्याय विभाग से राय मांगी थी वह भी फार्मेसी के पक्ष में है। अब शासन ने मामले पर अंतिम फैसला लेने के लिए स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी को फाइल भेज दी है।
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यह था मामला
बाबा रामदेव की दिव्या फार्मेसी को दवा दिव्य पुत्रजीवक बीज और पुत्रजीवक शिवलिंगी सीड पर संसद में हंगामे के बाद केंद्रीय आयुष मंत्रालय के निर्देश पर 16 मई को राज्य सरकार ने दिव्य फार्मेसी की दो दवाओं की जांच के लिए समिति गठित की थी।

शासन ने राज्य औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी आयुष विभाग की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई, जिसे दवाओं की गुणवत्ता, उत्पादकता व लाइसेंस के संबंध में विस्तृत जांच रिपोर्ट साक्ष्यों सहित उपलब्ध करवाई।

विवाद की वजह
आयुष विभाग की रिपोर्ट में पुत्रजीवक बीज दवा के नाम और गुणवत्ता में कोई खामी नहीं मिली। आयुष की रिपोर्ट में दवा का नाम आयुर्वेदिक ग्रंथों में उल्लेखित पाया गया। हालांकि जांच बिंदुओं से इतर लाइसेंस में कुछ गड़बड़ियां मिला।

दवा के आगे दिव्य शब्द बिना अनुमति जोड़ने और पैकेजिंग में खामी मिली। स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रिपोर्ट में दवा के आगे इस्तेमाल पुत्र शब्द को लिंग जांच के लिए बने पीसी पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन माना है, जिससे मामला उलझ गया।
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