उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देश के लिए शहीद होने वाले राज्य के सैनिकों व अधिकारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
अविलंब आर्थिक सहायता
सचिव सैनिक कल्याण आरके. सुंधाशु को निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के परिवारों की समस्याओं को दूर करना राज्य सरकार का दायित्व है। शहीद जवानों के आश्रितों को अविलंब आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।
सीएम ने राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में छोटे-छोटे खेल के मैदान विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां भूतपूर्व सैनिकों को बतौर प्रशिक्षक नियुक्त करने को कहा जो स्थानीय युवाओं को सेना व अर्धसैनिक बलों में भर्ती के लिए प्रशिक्षित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सेना में भर्ती होकर देश रक्षा में योगदान की परंपरा रही है। ऊंचाई वाले पर्वतीय व ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मैदान बनने से जहां युवाओं को प्रशिक्षण व आवश्यक जानकारी मिलेगी वहीं निरंतर पलायन का शिकार हो रहे दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में अन्य गतिविधियां भी प्रारंभ होंगी।
सीएम ने खेल विभाग को खेल मैदान बनाने व सैनिक कल्याण विभाग को इन्हें संचालित करने को कहा। उन्होंने ऐसे खेल मैदान बनाने की शुरूआत सीमावर्ती जिलों से करने के निर्देश दिए।
शहीद के भाई का तबादला
सीएम के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव एस. राजू ने शहीद अजय वर्धन तोमर के भाई अभय वर्धन तोमर जो कि सहायक अध्यापक के पद पर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, जल्ली विकासखंड द्वारीखाल पौड़ी में कार्यरत हैं उनका अंतरजनपदीय तबादला देहरादून कर दिया गया है। अजय वर्धन तोमर आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। परिवार की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए सीएम ने अभय तोमर के स्थानांतरण के निर्देश दिए थे।