अब पति-पत्नी दोनों वृद्ध दंपति को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। हमारा उदेश्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, जिसके लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी वृद्धजन उनके अभिभावक के समान हैं। जिनकी सेवा में वे हमेशा तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि बीते तीन साल में लगभग 19000 युवाओं को सरकारी विभागों में नियुक्ति प्रदान की गई। राज्य में रिक्त पड़े सभी पदों को तेजी से भरे जाने के प्रयास निरंतर जारी है।
सचिव समाज कल्याण नीरज खैरवाल ने बताया कि विभाग ने ऑनलाइन पेंशन के लिए अभियान चलाया जिसमें 12 हजार व्यक्तियों चिन्हित किया गया। अभियान के अंतर्गत ऐसे व्यक्तियों का डाटा एकत्रित किया गया जो एक अक्तूबर को 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं एवं वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र हैं। ऐसे व्यक्तियों का डाटा भी एकत्रित किया गया जो 59 वर्ष 6 माह की आयु पूर्ण कर चुके हैं ।