फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देहरादून: जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए बनेगा कारपस फंड,गौरव महोत्सव में सीएम धामी ने की घोषणा

Wed, 16 Nov 2022 04:11 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

पिछले साल प्रधानमंत्री ने हर साल 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की थी। इससे जहां एक ओर जनजातीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, वहीं गैर जनजातीय समुदाय को भी जनजातीय समाज की कला एवं संस्कृति की विशेषताओं से अवगत होते हैं।
विज्ञापन
पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में जनजाति समाज की कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए कारपस फंड बनाया जाएगा। राज्य जनजाति शोध संस्थान में जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित गौरव महोत्सव में उन्होंने इसकी घोषणा की। सीएम ने कहा कि हर साल जनजाति गौरव दिवस आयोजित किया जाएगा। 

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में जनजाति छात्रों की बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए आवासीय विद्यालयों की स्थापना पर विचार किया जाएगा। जनजाति कल्याण समिति को भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। सीएम ने कहा कि जनजातीय समाज का मजबूत और आत्म निर्भर बनना देश और प्रदेश की उन्नति के लिए जरूरी है।

देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के उल्लेखनीय योगदान के कारण ही पिछले साल प्रधानमंत्री ने हर साल 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की थी। इससे जहां एक ओर जनजातीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, वहीं गैर जनजातीय समुदाय को भी जनजातीय समाज की कला एवं संस्कृति की विशेषताओं से अवगत होते हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Dehradun: जौलीग्रांट एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय बनेगा या नहीं फिजिबिलिटी रिपोर्ट से होगा तय, क्या है योजना पढ़ें
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले की सरकारों में आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, उन्होंने आदिवासी समाज के व्यावसायिक हितों पर कोई ध्यान नहीं दिया, ये सरकारें दिखावे तक ही आदिवासी समाज के विकास की बात किया करती थी। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक विनोद चमोली, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, मूरत राम शर्मा, रामकृष्ण रावत, पूर्व मुख्य सचिव एनएस. नपलच्याल आदि मौजूद रहे।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें