प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में मुख्यमंत्री की 76 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं। जबकि 80 अधूरी हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने बैठक कर इसकी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधूरी घोषणाओं को जल्द पूरा किया जाए।
सचिवालय में हुई बैठक में बताया गया कि चार जुलाई 2021 से अब तक 156 घोषणाएं हुई हैं। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि सचिव एवं विभागाध्यक्ष स्तर पर घोषणाओं की नियमित समीक्षा की जाए। समीक्षा बैठक का कार्यवृत्त घोषणा पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कार्यदायी संस्थाओं से समय पर काम लिया जाए।
घोषणाओं को पूरा करने के लिए समय किया जाए तय
यदि कोई संस्था समय पर काम नहीं कर रही, तो दूसरी से काम लिया जाए। बैठक में बताया गया कि यह भी संज्ञान में आया है कि जिलों में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए भूमि की उपलब्धता को लेकर समुचित प्रयास नहीं किए जा रहे हैं, जबकि केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए मुफ्त भूमि उपलब्ध कराए जाने के संबंध में स्पष्ट नीति है।
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बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री ने विद्यालयों के उच्चीकरण की कई घोषणाएं की है। जिसके तहत मानकों के निर्धारण की कार्रवाई की जा रही है। प्रमुख सचिव ने कहा, घोषणाओं को पूरा करने के लिए समय तय किया जाए। बैठक में सचिव मुख्यमंत्री डाॅ. एसएन पांडे, अपर सचिव रंजना राजगुरु, अपर सचिव एमएम सेमवाल, शिक्षा महानिदेशक झरना कमठान, एसएस त्रिपाठी, हीरा सिंह बसेड़ा आदि मौजूद रहे।