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बहुरने वाले है कंडारागढ़ के दिन

Tue, 16 Feb 2016 05:56 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला रुद्रप्रयाग
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कभी गढ़ रहे ग्राम पंचायत कंडारा के दिन बहुरने वाले हैं। रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि विकासखंड की इस ग्राम पंचायत को मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम चुना गया है। गांव के विकास के लिए प्रशासन व विभागीय स्तर पर कवायद शुरू हो गई है। ब्लाक मुख्यालय से 22 किमी की दूरी पर बासवाड़ा-मोहनखाल मोटर मार्ग से लगा कंडारा गांव की बसासत राजशाही के समय की है।
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कंडारा गांव में 650 परिवार निवास कर रहे हैं। गांव में 55 फीसदी परिवार कृषि व पशुपालन पर निर्भर है। जबकि 20 प्रतिशत परिवारों के लोग सरकारी नौकरी पर हैं। भारतीय सेना व अर्द्ध सैनिक बलों में 80 से अधिक लोग तैनात हैं। गांव में सात हजार नाली भूमि पर कृषि होती है। इसमें 8 सौ नाली सिचिंत भूमि है।

जिला पंचायत सदस्य देवेश्वरी नेगी व क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रमिला भंडारी सहित ग्राम प्रधान महावीर सिंह नेगी का कहना है कि मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम बनने से गांव में जरूरी सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद जगी है। गढ़भूमि होने के कारण यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे गांव व क्षेत्र के कई युवाओं को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगें।
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27वां गढ़ कडारागढ़
अगस्त्यमुनि के कंडारा गांव को 52 गढ़ों में 27 वें गढ़ के रूप में भी जाना जाता है। यहां 15वीं सदी के शुरू में नरवीर सिंह राजा थे। कहा जाता है कि राजा के पास पारसमणि थी। इस सूचना पर चांदपुर गढ़ी के राजा अजयपाल ने कंडारागढ़ पर आक्रमण किया।

तब राजा नरवीर सिंह मणि सहित मंदाकिनी में कूद गए।  इतिहासविद् डा. यशवंत सिंह कटौच बताते हैं कि कंडारा सहित पूरा क्षेत्र पहले दुमक के नाम से जाना जाता था। 50 वर्ष पहले तक यहां गढ़ के अवशेष थे। ग्रामीणों की ओर से राजराजेश्वरी का प्राचीन मंदिर और रंगेश्वर शिवालय का पुनर्निर्माण किया गया।

सरकारी सुविधाएं -
दो हजार से अधिक आबादी वाले कंडारा गांव में 1 जीआईसी, 3 प्राथमिक विद्यालय, 2 आंगनबाड़ी केंद्र और 2 मिनी केंद्र हैं। दो प्राइवेट प्राइमरी व एक जूनियर स्कूल भी हैं। डाकघर की सुविधा है, लेकिन बैंक सेवा के लिए 13 किमी दूर चंद्रापुरी जाना होता है।

स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर गांव में एक एएनएम सेंटर है। अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए ग्रामीणों को 22 किमी दूर अगस्त्यमुनि जाना पड़ता है। गांव में पेयजल की तीन योजनाएं हैं, लेकिन बदहाली के कारण ये नाकाफी साबित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम के रूप में कंडारा गांव के विकास के लिए ब्लाक स्तर पर योजनाओं के प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर जल्द बैठक कर प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाएगा। गांव में जिला स्तर पर संचालित अधिकांश विभाग काम करेंगे।
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सुनील कुमार, मुख्य विकास अधिकारी रुद्रप्रयाग
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