देहरादून/मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में शनिवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली और झमाझम बारिश शुरू हो गई। कुछ देर बाद ही मसूरी ने सफेद बर्फ की चादर ओढ़ ली। नए साल की पहली बर्फबारी देखने कई पर्यटकों ने मसूरी का रुख किया। इधर, दोपहर बाद राजधानी में झमाझम बारिश शुरू हो गई। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई।
दरअसल, मौसम विभाग ने तीन दिन पहले ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई थी। शनिवार मौसम विभाग की भविष्यवाणी सच हुई। इससे कई दिनों से आस लगाए बैठे मसूरी के व्यापारियों और पर्यटकों के चेहरे खिल उठे। सुबह से दून, दिल्ली, मेरठ आदि के पर्यटकों ने मसूरी की राह पकड़ ली। भारी संख्या में वाहनों के रेले से मसूरी मार्ग पर कई जगह जाम की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस के इंतजामों से पर्यटकों को ज्यादा परेशानी नहीं झेलनी पड़ी।
इधर, दोपहर 12 बजे तक देहरादून में चटक धूप खिली हुई थी। गर्मी के अहसास से लोगों ने गर्म कपड़ों का वजन कम कर दिया था। लेकिन, अचानक बादल छाने से ठंड बढ़ गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे काले बादलों और बिजली की तेज गर्जना शुरू हो गई। उसके कुछ देर बाद बारिश शुरू हो गई। कुछ जगह ओले भी गिरे।
मसूरी में उम्मीद से ज्यादा बफबारी
मसूरी में बर्फबारी उम्मीद से कहीं ज्यादा थी। तत्काल पालिका व लोनिवि कर्मचारियों को ड्यूटी पर बुलाया गया। उपकरणों से लैस कर्मचारियों ने बर्फ हटाकर रास्ते खोले। हालांकि, ज्यादातर वाहनों को मसूरी शहर से बाहर रुकने की हिदायत दी गई थी।
मसूरी में यातायात व्यवस्था चरमराई
अचानक बर्फबारी से मसूरी और आसपास में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। धनोल्टी मार्ग, कैम्पटी मार्ग सहित कई संपर्क मार्गों पर पर्यटक काफी देर तक फंसे रहे। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने मसूरी पालिका, धनौल्टी पुलिस को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया।
मसूरी में बर्फबारी ।
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बफबारी के चलते दून में बढ़ी ढंड में गुजरती महिलाएं
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बफबारी के चलते दून में बढ़ी ढंड में गर्म जैकेट पहनकर बचाव करती युवती