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उत्तरकाशी में बादल फटने से तबाही: मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 11, सात लोग अभी भी लापता

Mon, 19 Aug 2019 05:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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हेलीकॉप्टर से दो घायलों को लाया गया देहरादून - फोटो : अमर उजाला
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मोरी ब्लाक के आराकोट क्षेत्र में बादल फटने से मची तबाही में मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है। अभी तक 11 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। सात लोग अब भी लापता हैं। सोमवार को प्रभावित क्षेत्र में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। आपदा प्रभावित गांवों से दस घायलों का रेस्क्यू किया गया। इनमें सात लोगों को इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से देहरादून भेज दिया गया। 

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सूबे के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, जिले के प्रभारी मंत्री डा.धन सिंह रावत ने आराकोट पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया और आपदा प्रभावितों को ढांढस बंधाया। आपदा प्रबंधन सचिव अमित नेगी और आईजी संजय गुंज्याल एसडीआरएफ की टीम और राहत सामग्री के साथ हेलीकॉप्टर से आराकोट पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए राहत सामग्री वितरित की।

 जिला प्रशासन अभी तक आपदा में मृत, घायल एवं लापता लोगों की स्पष्ट जानकारी नहीं जुटा पाया है। समाचार लिखे जाने तक माकुड़ी से 5, आराकोट से 4 और सनेल व टिकोची से एक-एक शव बरामद हुआ है, जबकि इन गांवों से सात लोग अभी भी लापता चल रहे हैं। 
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चारधाम यात्रा की बात करें तो केदारनाथ यात्रा सुचारू है। बदरीनाथ यात्रा रोकी गई है। हाईवे पर कई जगह मलबा आने से यात्रा रुकी है। चमोली जिले में मौसम सामान्य है। रात से हो रही बारिश थम गई है।

मोरी क्षेत्र में आई आपदा के मृतक/लापता लोगों की सूची

1-चतर सिंह (55) पुत्र स्व.कुंदन सिंह निवासी माकुड़ी
2-कलावती (45) पत्नी चतर सिंह निवासी माकुड़ी
3-कलावती (35) पत्नी किशन सिंह निवासी माकुड़ी
4-ऋतिका (17) पुत्री किशन सिंह निवासी माकुड़ी
5-श्रीमती देवी (75) पत्नी स्व.कुंदन सिंह निवासी माकुड़ी
6-सोमा देवी (38) पत्नी मोहन लाल निवासी आराकोट
7-सोबित (1 वर्ष) पुत्र रोहित निवासी आराकोट
8-बृजेंद्र कुमार (55) प्रवक्ता राइंका आराकोट मूल निवासी बिजनौर
9-संगीता (30) पुत्री बृजेंद्र कुमार आराकोट मूल निवासी बिजनौर
10-कालू राम (60) निवासी नेपाल हाल निवास सनेल
11-रणवीर सिंह पंवार (50) पुत्र जगदीश पंवार निवासी थान भवान टिहरी हाल निवास टिकोची

आपदा में लापता लोग
1-सरोजना देवी (31) पत्नी उपेंद्र सिंह निवासी माकुड़ी
2-लाल बहादुर, निवासी नेपाल हाल निवास माकुड़ी
3-सलीम, निवासी सहारनपुर हाल टिकोची
4-पूरण सिंह, निवासी टिकोची
5-प्रवीण सिंह, निवासी टिकोची
6-चंदन सिंह, निवासी टिकोची
7-राजेंद्र सिंह, निवासी टिकोची

हरिद्वार में गंगा का जलस्तर कम हुआ

हरिद्वार में आज सुबह दस बजे तक गंगा की जलस्तर 293.75 मीटर दर्ज किया गया। गंगा के आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। रात तीन बजे के बाद खतरे के निशान से ऊपर 295.50 मीटर पर गंगा बह रही थी। आज सुबह जलस्तर कम हुआ। वहीं विकासनगर में यमुना नदी कई किसानों के खेत लील गई। अंबाडी से लेकर कुल्हाल तक जगह-जगह खेतों में मलबा घुसा है। जिस कारण काश्तकारों के चेहरे पर चिंता की लकीरें हैं।

ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट पर बना आरती स्थल डूबा
सोमवार को चंद्रेश्वर नगर में पानी का जलस्तर कम हो गया। मौके पर प्रशासन की टीम पहुंची है। जिन परिवारों को क्षति पहुंची है, लेखपाल सतीश चंद जोशी उनकी लिस्ट तैयार कर रहे हैं। बता दें कि रविवार को देर रात ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि त्रिवेणी घाट पर बना आरती स्थल डूब गया। यहां चंद्रेश्वर नगर गली नंबर 10/1, 10/2,10/3  के घरों में गंगा का पानी घुस गया। पार्षद प्रियंका यादव ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के करीब डेढ़ सौ परिवार घर के अंदर फंस गए। इन्हें एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला।

प्रदेश के छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश के छह जिलों में अगले 24 घंटे भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की वजह से नुकसान भी हो सकता है। बता दें, शनिवार की रात से ही देहरादून सहित प्रदेशभर में बारिश हो रही है।

रातभर बारिश के बाद रविवार को भी सुबह से शाम तक बारिश होती रही। इसकी वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने सोमवार सुबह से अगले 24 घंटे तक देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, नैनीताल और पौड़ी जिले में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अत्यधिक भारी बारिश को देखते हुए सभी महकमों को अलर्ट किया गया है। बारिश के दौरान लोगों को खतरनाक पहाड़ी रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।

दून में 24 घंटे में 44.4 मिमी बारिश, जगह-जगह जलभराव

देहरादून राजधानी में 24 घंटे से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने शहर में 24 घंटे में 44.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की है। वहीं, मसूरी, चकराता, कालसी में भी जमकर मेघा बरसे। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे जिले में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

शनिवार की रात से राजधानी में बारिश शुरू हुई तो रातभर होती रही। रविवार को भी दिनभर बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम विभाग ने जहां पूरे शहर में 44.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की है, वहीं मोहकमपुर में 5.6 मिमी, चकराता में 26.5 मिमी, मसूरी में 17.1 मिमी और कालसी में 12.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश की वजह से राजधानी की कई कालोनियों में पानी भर गया। लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सामान्य से चार डिग्री नीचे पहुंचा तापमान

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे देहरादून जिले में भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन को भी भारी बारिश के प्रति सचेत कर दिया गया है। ताकि बचाव के आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

राजधानी में लगातार बारिश से तापमान में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जहां शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 29 डिग्री था, वहीं रविवार को तापमान 26.1 डिग्री पर पहुंच गया। मौसम विभाग ने इसे सामान्य से चार डिग्री नीचे आंका है। न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को न्यूनतम तापमान 24 डिग्री था जो कि रविवार को 22.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
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मसूरी: बिल्डिंग का एक हिस्सा गिरा, नौ परिवारों को किया शिफ्ट 

मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन होने से कई मार्ग बंद हो गए। इसके अलावा छावनी परिषद क्षेत्र में भूस्खलन से खतरे की जद में आए नौ परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मार्ग बाधित होने से यमुनोत्री जाने वाले श्रद्धालुओं को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। 

रविवार को तेज बारिश में लंढ़ौर क्षेत्र की कोहनूर बिल्डिंग का एक भाग गिर गया। इससे वहां रह रहे लोगों में दहशत का माहौल रहा। मौके पर पहुंची पुलिस व प्रशासन की टीम ने लोगों को वहां से निकाला और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इसके अलावा सुबह मसूरी कैंपटी मार्ग यमुनोत्री यमुना पुल के पास भारी भूस्खलन होने से मार्ग बाधित हुआ, जिसे पांच घंटे की मशक्कत के बाद खोला गया। 
इधर, भटोली मनद्रसू में भारी भूस्खलन होने से बंद हुए मार्ग को खोलने के लिए कोई प्रशासनिक टीम पहुंचती इससे पहले वहां बच्चों ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। एसडीएम मसूरी राम बिनवाल ने बताया कि भारी बारिश के बाद कई जगह मार्ग बंद हुए थे, जिन्हें रविवार शाम तक सुचारु कर दिया गया है। 
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