देहरादून की सफाई व्यवस्था को एक बार फिर किसी ने पंचर कर दिया। सहस्त्रधारा रोड स्थित वर्कशाप में कूड़ा लोड करने वाले आधा दर्जन बड़े कंटेनरों की हवा निकाल दी गई।
इससे शहर के बड़े हिस्से से कूड़ा उठान नहीं किया जा सका। मामले में अधिकारियों ने फिर जांच का आदेश दिया है। कुछ दिन पूर्व भी किसी ने डोर टू डोर कूड़ा उठान करने वाले 20 वाहनों के टायरों की हवा निकाल दी थी।
सफाई व्यवस्था पर छिड़ गई जंग
शहर में सफाई व्यवस्था पर जंग छिड़ गई है। जब से शासन ने व्यवस्था की बागडोर अपने हाथों में ली है, कोई पूरी व्यवस्था की हवा निकालने पर तुला हुआ है। कुछ सप्ताह पूर्व ही शासन ने जिलाधिकारी को मुख्य नगर अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी।
उसके बाद तय किया गया कि डीवीडब्ल्यूएम कंपनी का कार्य क्षेत्र सिर्फ दस वार्डों तक सीमित कर दिया जाए। अन्य वार्डों में निगम खुद डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करेगा।
लेकिन पहले दिन सहस्त्रधारा रोड स्थित वर्कशॉप में कूड़ा उठाने वाले बीस वाहनों के टायर पंचर कर दिए। जबकि होली के एक दिन बाद मंगलवार को कूड़ा उठाने वाले बड़े कंटेनरों के ही टायर पंचर कर दिए गए।
इससे डोर टू डोर कचरा उठाया गया, लेकिन कंटेनरों से ट्रंचिंग ग्राउंड न पहुंचने के कारण कूड़ा सड़कों पर बिखरा रहा।
एएमएनए बंशीधर तिवारी ने बताया कि जांच की जा रही है कि कौन ऐसी हरकत कर रहा है। उन्होंने बताया मौके पर जाकर भी अधिकारियों ने जांच की और कर्मचारियों से पूछताछ की।
दस वार्ड अभी तय नहीं
करीब एक माह बाद भी यह तय नहीं किया जा सका है कि वे दस वार्ड कौन होंगे, जहां डीवीडब्ल्यूएम कंपनी डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करेगी।
इससे निगम में संशय की स्थिति बनी हुई है। बाकी बचे वार्डों में निगम को ही कूड़ा कलेक्शन करना होगा। एएमएनए हर्षवर्धन मिश्रा ने बताया एक-दो दिन में वार्ड तय कर लिए जाएंगे।