नगर निगम के सफाई कर्मचारी यूनियन ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों पर कार्रवाई ना होने पर 8 मई से आन्दोलन की चेतावनी दी है। वहीं उत्तरांचल स्वच्छकार कर्मचारी संघ ने नगरायुक्त को ज्ञापन सौंपकर नियमित नियुक्ति समेत विभिन्न मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अलग-अलग स्तरों पर वार्ता कर चुके हैं, लेकिन उनकी किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन
बुधवार को सफाई कर्मचारी यूनियन के महासचिव मीनू गागट ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने वर्षों से कार्यरत कर्मियों को नियमित करने, सफाई कर्मियों के 6200 पदों का ढांचा सृजित करने और शिक्षित सफाई कर्मियों को योग्यता के अनुसार पदोन्नति देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन मांगों पर कार्रवाई का शासनादेश ना होने की दशा में कर्मचारी 8 मई से हड़ताल करेंगे।
दूसरी ओर कर्मियों ने नगरायुक्त नितिन भदौरिया को ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया। उनकी समस्याओं का निस्तारण करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है, जिससे कर्मियों में रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर दैनिक वेतन व संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, मोहल्ला स्वच्छता समितियों के मानदेय में बढ़ोत्तरी करने, शिक्षित कर्मियों को पदोन्नति देने, निकायों के ढांचे में पद सृजित करने, लंबित भुगतान जारी करने, सफाई कर्मियों को ऑफिस स्टाफ की भांति जमीन देने और सामूहिक बीमा पॉलिसी को दोबारा लागू करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में संघ के शाखा अध्यक्ष मदन वाल्मीकि, अशोक राजौरी, चंद्रमोहन काला, हरिओम आनंद, जयपाल वाल्मीकि, कर्मवीर, मुकेश अनिल कुमार, संजय कुमार, प्रमोद कुमार, राजेश चौधरी, नरेश कुमार, धीरज नागलिया, सुनील समेत अन्य कर्मी शामिल रहे।
मुख्य सचिव से मिले किरणपाल
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष चौधरी किरणपाल वाल्मीकि ने मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह से मुलाकात कर 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। उन्होंने प्रदेश के सभी 91 निकायों में सफाई कर्मियों के छह हजार पद सृजित करने, वर्षों से कार्यरत स्वच्छकारों को पद सृजित होने पर नियमित करने समेत अन्य मांगों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया। मुख्य सचिव ने उन्हें सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।