स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन के तहत भिलंगना ब्लॉक के ग्राम पंचायत अंथवाल गांव में गड़बड़ झाला होने का मामला प्रकाश में आया है।
स्वजल विभाग और ग्राम प्रधान की मिलीभगत से आधा दर्जन परिवारों को दो-दो बार शौचालय निर्माण के लिए धनराशि दी गई है। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचनाओं के आधार पर इसका खुलासा हुआ है। आरटीआई कार्यकर्ता जयदीप अंथवाल ने स्वजल विभाग से ग्राम पंचायत अंथवाल गांव में किये गयें विकास कार्ये की सूचना मांगी थी। उन्होंने विभाग से 2014-15 और 2017-18 में स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन योजना के तहत गांव के लोगों को शौचालय निर्माण के लिए दी गई धनराशी तथा लाभान्वित परिवारों की सूची मांगी थी।
जिसमें ग्राम प्रधान ने 2014-15 में ग्रामीणों की सूची में चैता देवी पत्नी महिमानंद, कु. अंकिता पुत्री कमलनयन,देवेंद्र दत्त पुत्र जटेराम,गायत्री देवी पत्नी सूर्यमणी,कमलनयन पुत्र श्रीलाल,श्यामादेवी पत्नी बरसु को 5100 रूपये के हिसाब से चेक और डिमांड ड्राप्ट से भुगतान किए जाने की सूचना दी। स्वजल विभाग ने भी वर्ष 2017-18 में उपरोक्त व्यक्तियों को शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रूपये के हिसाब से खातों में करने की सूचना उपलब्ध कराई है।
आरटीआई कार्यकर्ता जयदीप अंथवाल ने आरोप लगाया है कि शौचालय निर्माण में सरकारी धन का गबन किया गया है। एक ही परिवार को दो-दो बार योजना का लाभ कैसे दिया गया है। डीएम से गड़बड़ी की जांच कराने की मांग की है।
कुछ ग्राम पंचायतों में दो-दो बार शौचालय निर्माण के लिए धनराशि भुगतान होने की शिकायत मिल रही है। उनकी जांच कराई जा रही है। यदि अंथवाल गांव में भी ऐसा हुआ है तो संबधित अधिकारियों, ग्राम प्रधानों और और लोगों से राजस्व की वसूली की जाएगी।
-सतीश नौटियाल, परियोजना प्रबंधक स्वजल टिहरी