अभिभावकों के हाईस्कूल मुंधोल में प्रधानाध्यापक कक्ष में तालाबंदी करने के बाद सोमवार को प्रधानाध्यापक और तीनों शिक्षक स्कूल पहुंच गए। अभिभावकों ने चारों का घेराव कर खूब खरीखोटी सुनाई। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक कोई सक्षम अधिकारी स्कूल आकर कार्रवाई नहीं करता, तब तक वो प्रधानाध्यापक कक्ष का ताला नहीं खोलेंगे।
अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षकों ने कक्षाओं को पार्किंग स्थल बनाया हुआ है। कक्षा 9 और 10 में बाइकें और लकड़ी के ढेर लगे हुए हैं। इसके साथ ही छात्रों को शौचालय का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाता। वहां हमेशा ताला लटका रहता है। महज शिक्षक ही शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। छात्रों को शौच के लिए खुले में जाना पड़ता है। मामले में प्रधानाचार्य से सवाल पूछने पर वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
बता दें कि स्कूल में प्रधानाध्यापक समेत सात शिक्षक तैनात है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक बारी-बारी से स्कूल आते हैं। जिस कारण स्कूल में अध्ययनरत सौ बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
स्कूल से नदारद रहते हैं शिक्षक
पिछले एक सप्ताह से प्रधानाध्यापक और तीन शिक्षकों के स्कूल से नदारद रहने पर शनिवार से अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक कक्ष की तालाबंदी कर दी थी। अभिभावकों का आक्रोश देख प्रधानाध्यापक और तीनों शिक्षक स्कूल पहुंच गए।
जहां उन्हें अभिभावकों के गुस्से का सामना करना पड़ा। अभिभावकों का कहना था कि जब तक सक्षम अधिकारी स्कूल आकर यहां अव्यवस्थाओं का जायजा और शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं करेंगे, तब तक वो ताला नहीं खोलेंगे।
प्रदर्शन करने वालों में कल्याण सिंह राणा, छोटू राम, विक्रम रणा, रविंद्र राणा, विजय राणा, केशर सिंह, बीटू, सोहन सिंह, टीटू, देवीराम जोशी, मंगतराम जोशी, तीरचंद जोशी, सुरजन, विरेंद्र, भागो देवी, रतनी देवी, झूलो देवी, रक्षा देवी आदि मौजूद रहे।
मामले में संबंधित खंड शिक्षाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-मुकुल सती, जिला शिक्षाधिकारी