उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में नौवीं के छात्र को अपना सही नाम लिखना नहीं आता। स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और गरीबों के बच्चे सरकारी स्कूलों में खिचड़ी खाने के लिए आ रहे हैं एवं ठगे जा रहे हैं।
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अफसर राजनीतिक दबाव में न आएं, वे वहीं करें जो सही हो। यह कहना है लोक सभा की याचिका समिति का। सोमवार को देहरादून में आयोजित लोकसभा की याचिका समिति की बैठक में विभिन्न राज्यों से दून पहुंचे सांसदों ने कहा कि छात्र हित के मामलों में अधिकारी राजनीतिक दबाव में न आएं।
कोई अधिकारी सही काम करता है तो एक न एक दिन मामला उसी के पक्ष में आएगा। सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान लागू होने से पहले और बाद की स्थिति को बताया जाए। प्राथमिक से लेकर महाविद्यालयों की स्थिति स्पष्ट की जाए।