सिटी बस यूनियन ने मंगलवार को लैंसडौन चौक स्थित परेड ग्राउंड में परिवहन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनियन ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की खुलेआम अवहेलना कर रहा है और नियमों के विपरीत 8 से 10 सीटर टाटा मैजिक वाहनों को सिटी बस के रूप में संचालन की अनुमति दी जा रही है।
यूनियन के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने बताया कि उच्च न्यायालय ने एक याचिका में तीन सितंबर 2025 को स्पष्ट आदेश दिया था कि सिंगल दरवाजे वाले वाहनों के परमिटों का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा, जबकि देहरादून आरटीओ द्वारा ऐसे वाहनों के परमिट लगातार नवीनीकृत किए जा रहे हैं, जो न्यायालय की अवमानना है।
उन्होंने कहा कि 23 सितंबर 2025 के आदेश में उच्च न्यायालय ने कंडक्टर की भूमिका स्पष्ट की है, जिसमें यात्रियों से किराया वसूलने के साथ प्रवेश-निकास को नियंत्रित करना शामिल है। टाटा मैजिक वाहनों में कंडक्टर के बैठने या खड़े होकर कार्य करने की कोई व्यवस्था नहीं है।
यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय मोटरयान अधिनियम 1989 के अनुसार 13 सीटर से कम वाहनों पर बस बॉडी कोड लागू नहीं होता, इसके बावजूद 8–10 सीटर टाटा मैजिक को स्टेज कैरिज बस का परमिट दिया गया। पहले इन्हें मैक्सी कैब का परमिट दिया गया था, जिसे बाद में ओमनी बस में परिवर्तित कर दिया गया। यूनियन ने इस पूरे प्रकरण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री से परिवहन विभाग की एसआईटी या विजिलेंस जांच की मांग की है।