रक्षा संस्थानों के कर्मचारियों की 12 अक्टूबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को सीटू ने भी समर्थन दिया है। सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज ने कहा कि रक्षा संस्थानों के अनिश्चितकालीन हड़ताल में सीटू पूरी भागीदारी करेगी।
लेखराज ने कहा कि मोदी सरकार देश के आयुध निर्माणियों का निगमीकरण उनके निजीकरण की साजिश रच रही है। जिससे वह अपने चहेते पूंजीपतियों को इन फैक्ट्रियों को बेच सके। केंद्र सरकार का यह प्रयास जहां पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाला है।
वहीं इससे देश की सामरिक सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न होगा। सीटू सरकार के इस कदम का शुरू से ही विरोध करती आ रही है और आगे भी करती रहेगी। जब तक केंद्र सरकार अपने इस निर्णय को वापस नहीं लेती है, सीटू इसका विरोध करता रहेगा।